क्या होता है ब्लैक फंगस और कितना खतरनाक है ये फंगस, जानिए इससे बचाव के उपाय

कोरोना संक्रमण के कारण पूरे देश में हाहाकार मचा है। आकंड़ा हर दिन चार लाख के पार पहुंच रहा है और इससे मरने वालों की संख्या भी चार हजार से ऊपर जा रही है। इस महामारी के बीच एक और बीमारी लोगों को अपना शिकार बना रही है। म्यूकरमाइकोसिस (ब्लैक फंगस) नाम की ये बीमारी कोरोना की जंग जीत चुके लोगों को तेजी से अपना शिकार बना रही है। इसके अलावा शुगर के मरीजों में भी ये बीमारी तेजी से फैल रही है।
ब्लैक फंगस के कई केस गुजरात और दिल्ली में सामने आ चुके हैं। बीते साल तकरीबन 19 लोग इस बामारी की चपेट में आकर जान गंवा चुके हैं। इस बीमारी के कारण कई लोगों की जान चली गई तो कई लोगों की आंखों की रोशनी खत्म हो गई, ये बीमारी इतनी घातक है कि इसकी चपेट में आए मरीजों को सीधे आईसीयू में दाखिल करना पड़ता है।
म्यूकरमाइकोसिस (ब्लैक फंगस) मरीज के दिमाग, फेफड़े या फिर स्किन पर अपना प्रभाव छोड़ता है। इस बीमारी के कारण आंखों की रोशनी जा सकती है इसके अलावा मरीजों के जबड़े और नाक की हड्डी गल जाती है। अगर समय रहते इसे नियंत्रित नहीं किया गया तो मरीज की मौत भी हो सकती है।
ब्लैक फंगस के लक्षण
– आंखों और नाक के पास लाल‍िमा
– बुखार
– स‍िरदर्द
– खांसी
– सांस लेने में तकलीफ
– खून भरी उलटी
– मानस‍िक स्‍थित‍ि में बदलाव
कोरोना के बाद क्‍यों हो रही है ब्‍लैक फंगस की समस्‍या
– शुगर की समस्‍या का कंट्रोल में न होना
– स्‍टीरॉयड्स की वजह से शरीर की प्रत‍िरोधक क्षमता में बदलाव
– आईसीयू में काफी समय तक एडम‍िट रहा
– Voriconazole थेरेपी
कोरोना के मरीजों को ब्‍लैक फंगस से ज्‍यादा खतरा
कोरोना के दौरान या फिर ठीक हो चुके मरीजों का इम्यून सिस्टम बहुत कमजोर होता है, इस वजह से ब्‍लैक फंगस इन्हें आसानी से जकड़ लेता है। कोरोना के जिन मरीजों को डायबिटीज की समस्‍या है, शुगर लेवल बढ़ जाने पर उनमें म्यूकोरमाइकोसिस (ब्लैक फंगस) खतरनाक रूप से सकता है।
ब्‍लैक फंगस से कैसे बचें

– शुगर को कंट्रोल रखें
– कोव‍िड के इलाज और अस्‍पताल से ड‍िस्‍चार्ज होने के बाद भी ब्‍लड शुगर लेवल की जांच करते रहें
– स्‍टीरॉयड्स को ध्‍यान से लें
– ऑक्‍सीजन थेरेपी के दौरान साफ और स्‍टेराइल क‍िए गए पानी को प्रयोग में लाएं
– एंटीबायोट‍िक्‍स और एंटीफंगल दवाइयों का सावधानी से इस्‍तेमाल करें

ब्‍लैक फंगस में क्‍या न करें
– क‍िसी भी तरह के अलर्ट को इग्‍नोर न करें
– अगर आपको कोव‍िड हुआ है तो बंद नाक को महज जुकाम मानकर हल्के में न लें
– फंगल इंफेक्‍शन को लेकर जरूर टेस्‍ट करवाने में देरी न करें
ब्‍लैक फंगस से कैसे बचें
– जब भी बाहर जाएं, खासतौर पर धूल वाली जगह पर तो मास्‍क जरूर पहनें
– म‍िट्टी या पौधों की देखभाल करते समय जूते, पजामा, पूरी बांह की शर्ट और दस्‍ताने पहनें
– स्‍क्रब बाथ लेने समेत पर्सनल हाइजीन का भी ध्‍यान रखें
विशेषज्ञों का कहना है कि ब्लैक फंगस ज्यादातर उन मरीजों में देखा जा रहा है जो कोविड-19 से उबर चुके हैं लेकिन उनमें डायबिटीज, किडनी, हार्ट फेल्योर या फिर कैंसर की बीमारी है। अगर आप इनमें से किसी समस्‍या से ग्रसित हैं तो हर लक्षण को कभी नजरअंदाज न करें, सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।