कोरोना के भारतीय स्वरूप से दुनिया में हाहाकार, 44 देशों में हुई इसकी पुष्टि

देश में कोरोना संक्रमण के कारण हाहाकार मचा है। बीते कई दिनों से देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 4 लाख के पार पहुंच रही है जबकि संक्रमण के कारण मरने वालों का आंकड़ा 4 हजार के ऊपर है। इस बीच भारत में मिले कोरोना वैरिएंट से दुनिया के तमाम देश कराह रहे हैं। विश्व के दर्जनों देशों में कोरोना के भारतीय वैरिएंट की पुष्टि की गई है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बुधवार को ये जानकारी साझा की है। WHO का मानना है कि भारत में बढ़ते संक्रमण के मामलों के पीछे बी.1.617 वैरिएंट जिम्मेदार है।
इसमें खास बात ये है कि भारत के अलावा ब्रिटेन में इस वैरिएंट के सबसे ज्यादा मरीज मिले हैं। भारत में बीती मार्च के बाद से ही संक्रमण के मामलों का ग्राफ तेजी से ऊपर जाने लगा था।
WHO के अनुसार, कोविड-19 का बी.1.617 वैरिएंट WHO के सभी 6 क्षेत्रों में 44 देशों से एक ओपन एक्सेस डेटाबेस में अपलोड हुए 4500 से ज्यादा सैंपल्स में पाया गया है।
भारत में पहली बार यह वैरिएंट बीते अक्टूबर में मिला था। डब्ल्युएचओ ने कहा ‘WHO को 5 अतिरिक्त देशों में भी मामलों की रिपोर्ट्स मिली हैं।’ इस हफ्ते की शुरुआत में संस्था ने इस वैरिएंट को ‘वैरिएंट ऑफ कंसर्न’ बताया था।
इससे पहले इस सूची में ब्रिटेन, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका में मिले कोविड-19 के अन्य वैरिएंट्स का नाम शामिल था। इन वैरिएंट्स वास्तविक रूप से ज्यादा खतरनाक माना गया था।
क्योंकि वे या तो तेजी से फैल सकते हैं या वैक्सीन सुरक्षा से बचकर निकलने में सक्षम हैं। डब्ल्युएचओ ने बुधवार को बताया कि B.1.617 को सूची में इसलिए जोड़ा गया था, क्योंकि यह वास्तविक वायरस से ज्यादा संक्रामक नजर आ रहा था।
भारत कोरोना महामारी से सर्वाधिक प्रभावित होने वाला विश्व का दूसरा देश है। पहले स्थान पर अमेरिका का स्थान है। भारत में बीते कई हफ्तों से प्रतिदिन 4 लाख से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। प्रतिदिन करीब 4 हजार लोगों की जान जा रही है।
डब्ल्युएचओ ने कहा है कि अब तक भारत में मिले पॉजिटिव केस का 0. 1 फीसदी ही जेनेटिकली सीक्वेंस्ड किया गया और GISAID पर अपलोड किया गया है।