पश्चिम बंगालः ममता बनर्जी का बढ़ा संकट, कैबिनेट बैठक में नहीं पहुंचे चार मंत्री

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल की ममता सरकार को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की लगातार बढ़ रही लोपप्रियता ममता बनर्जी के लिए चिंता का सबब बनती जा रही है। भाजपा नेता अमित शाह के बंगाल दौरे के बाद हालात ममता बनर्जी के लिए और भी पेंचीदा होते जा रहे हैं। हाल ही में कैबिनेट मंत्री शुभेंदु अधिकारी के भाजपा में शामिल होने के बाद बुधवार को पश्चिम बंगाल के चार और मंत्री ममता बनर्जी की कैबिनेट बैठक में नहीं पहुंचे। मंत्रियों के इस प्रकार अचानक गायब होने को लेकर कयास उठने लगे हैं कि ममता सरकार में असंतोष की लहर अब तेज हो गई है।
बुधवार को ममता बनर्जी की अध्यक्षता में कैबिनेट मीटिंग बुलाई गई थी। वह राज्य के ताजा हालात पर चर्चा करना चाहती थीं। इसके अलावा शुभेंदु अधिकारी के भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी की ताजी स्थिति पर चर्चा करना चाहती थीं। लेकिन बैठक में टीएमसी के दो अन्य मंत्री गौतम देब (पर्यटन मंत्री) और उत्तर बंगाल विकास मंत्री रवींद्रनाथ घोष नहीं पहुंचे।
जानकारी के अनुसार, ये केवल कयास है कि वह भाजपा के संपर्क में हैं। लेकिन उनकी अनुपस्थिति के वास्तविक कारण हैं। इसके पहले भी वह बैठकों में शामिल नहीं हो रहे थे। कोरोना काल में ये दोनों मंत्री किसी भी बैठक से परहेज कर रहे थे।
इनके अलावा दो अन्य मंत्री बीरभूमिक से मत्यस्य पालन मंत्री चंद्रनाश सिन्हा और वन मंत्री हावड़ा से राजीब बनर्जी भी अनुपस्थित रहे। इनकी अनुपस्थिति को लेकर संदेह ज्यादा है। जानकारी के अनुसार पहले भी उनके कुछ कार्यकलाप पार्टी विरोधी गतिविधियों की तरफ इशारा कर रहे थे। अब कैबिनेट से अनुपस्थिति इस बात की तरफ इशारा कर रही है कि वह जल्द ही टीएमसी छोड़ सकते हैं।