यूपीः बच्चों से भीख मंगवाने वालों पर बड़ी कार्रवाई की योगी सरकार की तैयारी

बाल भिक्षुकों के परिजनों को रोजगार देगी सरकार
बच्चों से भीख मंगवानों वालों पर सख्त कार्रवाई
कई विभाग मिलकर इस योजना को आगे बढ़ाएंगे
बाल भिक्षुकों को शिक्षा से जोड़ने का होगा काम
बाल भिक्षुकों के परिजनों की कराई जाएगी काउंसलिंग
कोरोना महामारी ने कई देशों की आर्थिक स्थिति को बदहाल कर दिया। उद्योग धंधे ठप पड़ गए तो रोजगार भी छिन गया। लोग सड़कों पर आ गए और कितनों के घरों के हालात ऐसे हो गए कि उन्हें भीख तक मांगने की नौबत आ गई। इन परिस्थितियों का लाभ उठाकर कुछ अपराधी किस्म के लोगों ने बच्चों से भीख मंगाने को पेशा बना लिया। कोरोना काल में सड़कों पर बच्चों के भीख मांगने की संख्या में अचानक वृद्धि हो गई। अब यूपी सरकार ने इन भीख मांगते बच्चों को बचाने और इन्हें ऐसा कराने वालों के खिलाफ सख्त योजना बना रही है।
सरकार हालात से मजबूर मां-बाप के लिए रोजगार के प्रदान करने की पहल कर रही है जबकि अपराधी किस्म के लोगों के खिलाफ विशेष कार्ययोजना पर काम कर रही है। इस बारे में राज्य बाल अधिकारी संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ विशेष कुमार गुप्ता ने बताया- प्रदेश में कुछ लोगों द्वारा बच्चों का बचपन छीना जा रहा है। उन्हे चौराहों पर भीख मांगने के लिए खड़ा कर दिया जा रहा है। ऐसे में बच्चों शारीरिक और मानसिक शोषण किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि अब प्रदेश सरकार बाल भिक्षावृत्ति को रोकने व बाल भिक्षुओं को सबल बनाने के लिए इस विशेष अभियान को शुरु करने जा रही है जो दूसरे राज्यों के लिए एक नजीर बनकर सामने आएगी।
उन्होंने बताया कि बाल भिक्षावृत्ति को रोकने के लिए पुलिस, ट्रैफिक पुलिस ईंकाई, बाल कल्याण पुलिस अधिकारी, एएचटीयू, जीआरपी, श्रम, विधिक सेवा, बाल कल्याण समिति व जिला प्रशासन समेत प्रदेश की एनजीओ मिलकार काम कर रही हैं। इस अभियान से बच्चों का भविष्य संवरेगा और उन्हें सरकार योजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा।
डॉ. विशेष के अनुसार मिशन शक्ति के तहत प्रदेश के जरुरतमंद परिवार के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए बाल श्रमिक योजना से जोड़ा जाएगा। बच्चों के अभिभावकों की काउंसलिंग कराई जाएगी और बच्चों का दाखिला प्राथमिक विद्यालयों में कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि अब तक विभिन्न जनपदों से 2500 बाल भिक्षुकों को चिन्हित कराया गया है।
डॉ गुप्ता के अनुसार, बाल भिक्षुकों के परिवारों को सरकारी योजनाओं से डोड़ सीधे तौर पर लाभान्वित किया जाएगा। अभिभावकों को आर्थिक तौर पर सहायता देने के उद्देश्‍य से एक ओर महिलाओं को कौशल विकास योजना से जोड़ा जाएगा तो वहीं पुरूषों को मनरेगा से जोड़ उनको रोजगार की मुख्‍यधारा से जोड़ने का काम प्रदेश स्‍तर पर किया जाएगा।
उन्होंने बताया इसके अलावा ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी जो बच्चों से जबरन भीख मंगवाने का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि चौराहों, मॉल के सामने, बाजारों, पूजा स्थलों पर बच्चों से जबरन भीख मंगवाने वालों को पहचना कर उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।