यूपीः विद्या के मंदिर में ‘हाला’ की फैक्ट्री, पंचायत चुनाव मे थी ‘मदहोश’ करने की तैयारी

यूपी के मेरठ जिले के एक बंद पड़े डिग्री कॉलेज में शराब की फैक्ट्री पकड़ी गई
जहां शिक्षा की अलख जगाई जाती है, जहां से निकलकर होनहार देश की तरक्की में अपना योगदान करते वहीं हलाहल की फैक्ट्री चल रही थी। ऐसा नहीं कि इसकी जानकारी स्थानीय पुलिस को न हो, ऐसा कम ही होता है जब पुलिस की जानकारी के बगैर ‘हाला’ की फैक्ट्री संचालित हो रही होती है। हाला (शराब) की इस फैक्ट्री से निकलकर पंचायत चुनावों में पहुंचनी वाली थी जहां यह लोगों को मदहोश किया जाता। फिर चुनाव में मनमानी का दौर चलता। खैर पुलिस फैक्ट्री पर छापा मारा और 100 पेटी शराब पकड़ा, तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया लेकिन सरगना सरधना निवासी सचिन फरार है।
जानकारी के अनुसार, मेरठ के जानी थानाक्षेत्र में आने वाले भोला रोड के पेपला गांव के पास स्थित महेंद्र प्रताप डिग्री कॉलेज तीन वर्षों से बंद पड़ा था। आरोपियों ने मौका साधा और चुपचाप शराब की फैक्ट्री खोल दिया। यहा से निकलने वाली शराब मंसूरपुर स्थित डिस्टलरी के रैपर लगाकर सप्लाई होती थी।
मुखबीर की सूचना पर कंकरखेड़ा और जानी पुलिस स्टेशन की संयुक्त टीम फैक्ट्री पर छापा मारा। पुलिस ने यहां से विकास, भूरा और चौकीदार जाकिर को दबोच लिया। हालांकि इस फैक्ट्री के मालिक सरधना निवासी सचिन फरार हो गया।
पुलिस के मुताबिक शराब की सप्लाई मंसूरपुर डिस्टलरी के रैपर लगाकर की जाती थी। पुलिस की इस कार्रवाई में 20 हजार रैपर, 30 हजाप क्वाटर और पांच हजार लीटर शराब का घोल मिला है। पुलिस ने बताया कि यह फैक्ट्रा लॉकडाउन के बाद से यहां चल रही थी, शराब बनाने का कच्चा मालपरीक्षितगढ़ और हस्तिनापुर खादर से होती थी। बड़ा सवाल यह कि क्या पुलिस इतने दिनों तक सोती रही? या फिर पुलिस की जानकारी में यह खेल चल रहा था?
हालांकि पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ में इस बात का खुलासा हुआ है कि यह शराब आने वाले पंचायत चुनाव में उपयोग के लिए बनाई जा रही थी। फिलहाल पुलिस ने फैक्ट्री सील कर दी है और जहां से शराब बनाने का कच्चा माल आ रहा था वहां छापेमारी की है।