कोविड-19: ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले कर्मचारियों को योगी सरकार ने दी आर्थिक मदद, हर परिवार को मिलेंगे 30-30 लाख रुपए

सरकार ने जारी किए 606 करोड़ रुपए, प्रत्येक परिवार को मिलेंगे 30-30 लाख रुपए

योगी आदित्यनाथ सीएम उत्तर प्रदेश
कोरोना वायरस की दूसरी लहर के दौरान जान जोखिम में डालकर पंचायत चुनाव में कर्तव्य निभाते हुए जान गंवाने वाले तकरीबन 2000 कर्मचारियों को योगी सरकार ने आर्थिक मदद भेज दी। सरकार ने आर्थिक मदद के तौर पर कर्मचारियों के परिवारों के लिए 606 करोड़ से ज्यादा की राशि जारी की है। इस मदद से जान गंवाने वाले प्रत्येक परिवार के सदस्य को 30-30 लाख रुपए मिलेंगे। बता दें, सरकारी दस्तावेजों में जान गंवाने वाल 2128 कर्मचारियों के नाम दर्ज हैं, इनमें से 2097 कर्मचारियों की मौत कोरोना संक्रमण के कारण हुई थी जबकि 31 की मौत अन्य कारणों से हुई थी।
प्रत्येक परिवार को मिलेंगे 30-30 लाख रूपए
जानकारी के अनुसार राज्य सरकार ने चुनाव आयोग ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वालों के परिवारों को 606 करोड़ रुपए देने की बात कही है। इसी के साथ सरकार ने जिला मजिस्ट्रेट को भी 2000 परिवारों को 30-30 लाख रुपए देने के आदेश जारी किए हैं।
अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज कुमार- जिला मजिस्ट्रेट को मृतक के परिवारों के खातों में आरटीजीएस के जरिए एक सप्ताह के अंदर 30-30 लाख रुपए स्थानान्तरित करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
इसके पहले राज्य सरकार ने कर्मचारियों की इतनी बड़ी संख्या में मौतों पर एतराज जताया था। सरकार की तरफ से कहा गया था कि ड्यूटी के दौरान कुछ मौते जरुर हुई हैं। सरकार की तरफ से कहा गया था कि मौतों की गिनती तभी की जाएगी जब वह ड्यूटी के दौरान घर से निकले हों और वापसी के दौरान उनकी मौत हुई हो। सरकार ने इसके लिए चुनाव आयोग के मानदंडों को आधार बनाया था। लेकिन सरकार के 26 अगस्त के आदेश में कहा गया, कि सभी 2128 कर्मचारियों की मौत पर विचार के लिए मुआवजे को लेकर मानदंडो में विस्तार किया जाएगा।
शुरुआत में सरकार ने कही थी ये बातें
सरकार के 26 अगस्त के आदेश में कहा गया, कोविड-19 के चलते उपजे हालात के कारण जान गंवाने वाले कर्मचारियों के फायदे और अनुकंपा के आधार पर पंचायत चुनाव का प्रशिक्षण, मतदान या मतगणना प्रक्रिया के 30 दिनों के अंदर मौतों पर विचार के लिए मानदंडों में बदलाव किए गए हैं।
शिक्षक संघों के दबाव का दिखा असर
सरकार ने मानदंडों पर बदलाव तब किया जब शिक्षक संघों ने अलग-अलग विभगों में मृतक कर्मचारियों की 2000 से ज्यादा का दावा किया। संघों ने सुबूत समेत कर्मचारियों को ड्यूटी पर होने का प्रमाण सरकार के सामने रखा जिसमे कहा गया कि कर्मचारियों की मौत कर्तव्य निभाते हुए हुई थी।
कुछ कर्मचारियों को इंतजार करना पड़ सकता है
आदेशानुसार, राज्य चुनाव आयोग के लिए 606 करोड़ रुपए जारी कर दिए गए हैं। जबकि 27.75 करोड़ रुपए कुछ दिनों बाद जारी किए जाएंगे। बतादें सरकार को 2128 कर्मचारियों के परिवारों को 30-30 लाख रुपए देने हैं जिसके लिए सरकार को 633.75 करोड़ रुपए की जरुरत होगी। मुआवजे के लिए कुछ कर्मचारियों को कुछ वक्त इंतजार करना पड़ सकता है।