यूपीः नियम विरुद्ध प्रमोशन पाने वाले चार अधिकारी बनाए गए चपरासी-चौकीदार

पहले चपरासी फिर अधिकारी और दोबारा फिर चपरासी। कैसा लगता होगा। आप इस मनोदशा को महसूस करें, जो पहले अपने ही विभाग में चपरासी रहा हो और फिर प्रमोशन पाकर अधिकारी बना और उसे दोबारा चपरासी बना दिया जाए। अफसोस इस बात का है कि नेताओं की वाह-वाही बटोरने के चक्कर में अधिकारी लोगों की भावनाओं से खेल जाते हैं और नियम विरुद्ध काम कर डालते हैं। वो ये जानते हैं कि आज नहीं तो कल भ्रष्टाचार की पोल खुलेगी, ये वो भी जानते हैं कि उन्हें जो प्रमोशन मिला है वह नियम विरुद्ध है लेकिन सामाजिक झूठी प्रतिष्ठा के लिए वह गलत काम कर जाते हैं।
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार भ्रष्टाचार पर चाबुक चली रहा है। इस साल योगी सरकार ने भष्टाचार में युक्त तकरीबन 1500 कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। सरकार की बड़ी कार्रवाई का एक और मामला बरेली में सामने आया है। नियम विरुद्ध प्रमोशन के आधार पर बरेली के जिला सूचना अधिकारी पद पर तैनात चार अधिकारियों को डिमोट कर इन अफसरों को चौकीदार, चपरासी, ऑपरेटर और सहायक बना दिया है।
सूचना व जनसम्पर्क कार्यालय द्वारा पारित आदेश में कहा गया है कि 3 नवंबर 2014 को इन अफसरों का प्रमोशन सभी नियमों के विरुद्ध किया गया था। अब सभी को उनके मूल पद पर डिमोट किया जाता है। सरकार ने जिन अफसरों को डिमोट किया है, वे हैं बरेली में अपर ज़िला सूचना अधिकारी नरसिंह को चपरासी, फिरोजाबाद में तैनात दयाशंकर को चौकीदार, मथुरा में तैनात विनोद कुमार शर्मा और भदोही में तैनात अनिल कुमार सिंह को सिनेमा ऑपरेटर बनाया गया है।
दरअसल, उत्तर प्रदेश के सूचना विभाग में नियम विरुद्ध 4 लोगों को प्रमोट करते हुए अपर जिला सूचना अधिकारी बनाया गया था। इस मामले में हाईकोर्ट में रिट दाखिल हुई थी। जिसके बाद शासन की तरफ से सभी का डिमोशन कर दिया गया है। अब ये अपर जिला सूचना अधिकारी की जगह चौकीदार, चपरासी, सिनेमा ऑपरेटर और सहायक बनाए गए हैं।