यूपीः योगी सरकार में बेटियां सुरक्षित हैं ! जानिए क्या कहती है NCRB की रिपोर्ट…

महिला अत्याचार को लेकर भले ही विपक्ष प्रदेश की योगी सरकार पर हमलावर है लेकिन महिला अत्याचार को लेकर योगी सरकार के दावे असर दिखाने लगे हैं। इस दावे की तस्दीक एनसीआरबी के आंकड़े भी कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक देश के 21 बड़े राज्यों के मुकाबले यूपी में महिला अपराध के आंकड़े सबसे कम है। राष्ट्रीय औसत के मुकाबले भी उत्तर प्रदेश में महिला अपराध के मामले सबसे कम हैं।
एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार महिलाओं के प्रति अपराध के मामले में 2019 में देश का कुल औसत 62.4 फीसदी दर्ज किया गया। इसी समय उत्तर प्रदेश मे यह आंकड़ा 55.4 फीसदी रहा। देश के दूसरे बड़े राज्यों 2019 में महाराष्ट्र प्रति अपराध का औसत 63.1, पश्चिम बंगाल में 64.0, मध्य प्रदेश में 69.0, राजस्थान में 110.4 और केरल जैसे छोटे राज्य में भी यह औसत 62.7 रहा।
रिपोर्ट के मुताबिक यूपी में महिला अपराध का औसत 2017 में 53.2 और 2018 में 55.7 रहा। आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि योगी सरकार ने महिला अपराध में कमी लाने के लिए कितनी संजीदा है। इसके अलावा सरकार ने पुलिस और न्‍याय प्रक्रिया को महिलाओं के लिए सुलभ किया। सरकार ने न सिर्फ नियंत्रण किया बल्कि महिलाओं के गुनाहगारों को जेल के साथ फांसी के तख्‍ते तक भी पहुंचाया।
एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक 2016 में यूपी में दुष्‍कर्म के 3289 मामले दर्ज किए गए, जबकि 2020 में यह आंकड़ा 2232 रहा। 2016 के मुकाबले योगी सरकार 2020 तक दुष्‍कर्म के मामलों में 32 फीसदी कमी लाने में सफल रही। उत्‍तर प्रदेश में 2016 में महिला अपहरण के 11121 मामले थे 2020 तक योगी सरकार ने 27 फीसदी कमी लाते हुए इसे 11057 पर रोक दिया।
आंकड़ों के मुताबिक बच्चियों के साथ दुष्कर्म के आरोपियों पर भी सरकार का डंडा चला। बच्चियों के साथ किसी प्रकार की ओछी हरकत करने वालों के साथ भी योगी सरकार ने सख्त तेवर दिखाए हैं। बलात्कार के मामलों में योगी सरकार ने 5 अपराधियों को फांसी तक पहुंचाने का काम किया इसके अलावा 193 मामलों में अपराधियों को आजीवन कारावास की सजा दिलाई गई।