बागपत में पुलिस ने आधी रात में खत्म कराया किसान आंदोलन, लाल किले में भारी पुलिस बल तैनात

केन्द्र सरकार के नए कृषि कानूनों को लेकर किसान संगठन दो माह से ज्यादा समय से दिल्ली सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार ने जहां कृषि कानूनों को वापस न लेने तथा उसमें संशोधन की बात कर रही हैं तो वहीं किसान संगठन इसे वापस लेने की जिद पर अड़ा है। इसे लेकर किसानों ने गणतंत्र दिवस पर किसान ट्रैक्टर रैली निकलाने का ऐलान किया था। दावा था कि किसान अनुशासित तरीके से ट्रैक्टर रैली निकालेंगे। इसके लिए दिल्ली पुलिस ने कुछ शर्तों से साथ इजाजत दे दी। लेकिन गणतंत्र दिवस के अवसर पर किसानों की ट्रैक्टर रैली बेकाबू हो गई और दिल्ली की सड़कों पर हिंसा हुई।
कई जगहों पर किसानों की पुलिस के साथ झड़प भी हुई। किसानों को तितर बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े तो कहीं लाठी चार्ज भी किया गया। इस बीच किसान लाल किला पहुंचे गए और उन्होंने अपने संगठन का झंडा फहरा दिया। इसके पहले किसानों के एक समूह ने लाल किले की सुरक्षा में लगे पुलिस के जवानों पर हमला बोल दिया जिसमें कई जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। अब पुलिस और प्रशासन किसानों के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं।
दिल्ली पुलिस ने ट्रैक्टर रैली के दौरान हिंसा में शामिल और उन्हें उकसाने वालों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। जानकारी के अनुसार 50 से अधिक किसान नेताओं के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। बता दें ट्रैक्टर रैली हिंसा में पुलिस के तकरीबन 400 जवान घायल हुए हैं। इस बीत खबर ये भी है कि पुलिस ने बागपत में नए कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसानों को हटा दिया है और रास्ते को खाली करा दिया है।
खबर ये भी है कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर ट्रैक्टर रैली के दौरान हिंसा से आहत भारतीय किसान यूनियन के एक गुट (भानु गुट) ने अपना प्रदर्शन खत्म करने का ऐलान कर दिया है। इसके साथ ही कई और संगठनों ने अपना प्रदर्शन खत्म करने का ऐलान किया है। किसान संगठनों के लगातार प्रदर्शन से वापस लौटने के किसान आंदोलन पर अब सवाल उठने लगे हैं।
नोएडा यातायात पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि बीकेयू (भानु) के विरोध वापस लेने के साथ ही चिल्ला बॉर्डर के माध्यम से दिल्ली-नोएडा मार्ग 57 दिनों के बाद यातायात के लिए फिर से खुल गया.मालूम हो कि भारतीय किसान यूनियन (भानू) नये कृषि कानूनों के विरोध में चिल्ला बॉर्डर पर धरना दे रहा था। इस धरने की वजह से नोएडा से दिल्ली जाने वाला रास्ता करीब 57 दिनों से बंद था।
दिल्ली पुलिस ने लाल किले पर हुई हिंसा के सिलसिले में दर्ज प्राथमिकी में अभिनेता दीप सिद्धू और ‘गैंगस्टर’ से सामाजिक कार्यकर्ता बने लक्खा सिधाना के नाम लिए हैं। अधिकारियों ने जानकारी दी है कि दिल्ली पुलिस ने भारतीय दंड संहिता, सार्वजनिक संपत्ति को क्षति से रोकथाम अधिनियम और अन्य कानूनों की प्रासंगिक धाराओं के तहत उत्तरी जिले के कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया है ।
इस बीच दिल्ली पुलिस ने ट्रैक्टर रैली के संबंध में पुलिस के साथ समझौते को तोड़ने के लिए योगेंद्र यादव, बलदेव सिंह सिरसा, बलबीर एस राजेवाल सहित कम से कम 20 किसान नेताओं को नोटिस जारी किया है। उन्हें 3 दिनों के भीतर जवाब देने के लिए कहा गया है।
दूसरी तरफ भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेत टिकैत ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने गाजीपुर बॉर्डर पर आधी रात को बिजली काट दी। उन्होंने कहा प्रदर्शन स्थल पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई। सूत्रों की माने को भाकियू नेता को गिरफ्तार किया जा सकता है।
गणतंत्र दिवस की परेड के दौरान लालकिले में आंदोलनकारी किसानों के घुसने के बाद वहां सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
रेवाड़ी के पुलिस अधीक्षक अभिषेक जोरवाल- प्रदर्शनकारियों ने मसानी कट विरोध स्थल को खाली कर दिया है और उनमें से कुछ टीकरी चले गए हैं, जबकि कुछ जय सिंहपुरा खेड़ा गांव (हरियाणा-राजस्थान सीमा पर राजस्थान में) गए हैं। कई अन्य लोग घर लौट गए हैं।
हरियाणा के रेवाड़ी जिले में कम से कम 15 गांवों की एक पंचायत ने बुधवार को तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर डेरा डाले किसानों से 24 घंटे के भीतर सड़क खाली करने को कहा।