जो किसानों के साथ थे अब उतरे विरोध मेंः दिल्ली से राजस्थान तक किसानों का विरोध

स्थानीय लोग सिंघु बार्डर पर पहुंच कर आंदोलन स्थल पर जमकर हंगामा किया है, राजस्थान के शाहजहांपुर में भी किसानों के खिलाफ लोग सड़कों पर उतर आए हैं, यहां 15 गांवों की महापंचायत चल रही है, ये लोग शाहजहांपुर में किसानों के आंदोलन का विरोध कर रहे हैं, इस दौरान लोगों ने किसानों के सामने ही कहा तिरंगे का अपमान नहीं सहा जाएगा…
गणतंत्र दिवस पर दिल्ली की सड़कों पर ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा के खिलाफ पूरा देश किसानों के खिलाफ नाराजगी जाहिर कर रहा है। लोग अब एक सुर से किसानों का आंदोलन खत्म कराने की मांग कर रहा है। बता दें ट्रैक्टर रैली और दिल्ली में हिंसा से पहले देश किसानों के साथ खड़ा दिख रहा था लेकिन उसकी एक गलती ने देशवासियों को उनके खिलाफ कर दिया। इस घटना के बाद किसान संगठनों ने भी आंदोलन के अपने को अलग कर लिया है।
लोगों के गुस्से का आलम यह है कि लोग अब प्रदर्शन स्थलों पर पहुंच कर आंदोलन खत्म करने की मांग कर रहे हैं। गुरुवार को स्थानीय लोग सिंघु बार्डर पर पहुंच कर आंदोलन स्थल पर जमकर हंगामा किया है। अब तो केन्द्र सरकार और पुलिस भी किसानों की इस हरकत के बाद सक्रिय हो गया है।
खास बात ये है कि स्थानीय लोग आंदोलन स्थल पर किसानों से आंदोलन खत्म करने की माग तो कर रही रहे हैं साथ ही नारा भी बोलते जा रहे है कि तिरंगे का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान। बतादें, करीब 2 महीनों से ज्यादा समय से किसान दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
दिल्ली के सीमा के अलावा राजस्थान के शाहजहांपुर में भी किसानों के खिलाफ लोग सड़कों पर उतर आए हैं। यहां 15 गांवों की महापंचायत चल रही है। ये लोग शाहजहांपुर में किसानों के आंदोलन का विरोध कर रहे हैं। इस दौरान लोगों ने किसानों के सामने ही कहा तिरंगे का अपमान नहीं सहा जाएगा। आप आंदोलन खत्म करें।
दिल्ली में किसान हिंसा के बाद केन्द्रीय गृहमंत्र अमित शाह ने दिल्ली पुलिस को आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया है। दिल्ली पुलिस नें भाकियू नेता राकेश टिकैत के गाजीपुर सीमा स्थित तंबू के बाहर नोटिस चस्पा कर दिया है। नोटिस के जरिए दिल्ली पुलिस में हिंसा में शामिल लोगों के नाम मांगे हैं।
एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, नोटिस में लिखा है, ‘आपको भी आपके संगठन के संबंध में ऐसे हिंसक कृत्य में शामिल लोगों के नाम बताने के आदेश दिए गए हैं। टिकैत को दिल्ली पुलिस ने प्रतिक्रिया देने के लिए 3 दिनों का समय दिया है।