डयबिटीज-आर्थराइटिस समेत ये सात रोग तबाह कर सकते हैं आपकी सेक्स लाइफ

अपने पार्टनर के साथ सेक्सुअली कनेक्ट रहना रिश्तों की गरमाहट को बनाए रखती है। ये आपके सेक्सुअल हार्मोन्स और आपके शरीर को भी स्वस्थ रखता है। लेकिन रोजमर्रा के तनाव और बढ़ती बीमारियां आपकी सेक्स लाइफ को प्रभावित कर रही हैं। इसलिए आपके लिए बेहत जरुरी है कि आप अपने स्वास्थ्य के बारे में जाने।
आइए आपको कुछ ऐसा स्वास्थ्य समस्या के बारे मे बताते हैं जो आपकी सेक्स लाइफ को प्रभावित करती हैं…
डायबिटीज- डायबिटीज के रोगी पुरुषों को एरेक्शन और एजाकुलेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। हाई ब्लड शुगर से हमारी रक्त वाहिकाओं और नसों पर बुरा असर पड़ता है। ये सेक्स आर्गेन्स के लिए जरूरी नार्मल ब्लड फ्लो को भी प्रभावित करता है।
जहां तक महिलाओं का सवाल है तो इस कंडीशन में महिलाएं वजाइनल ड्रायनेस, पेनफुल इंटरकोर्स और सेक्सुअल डिजायर की कमी महसूस करती हैं। हेल्दी और क्लीन डाइट के साथ शारीरिक रूप से खुद को एक्टिव रखकर इस समस्या का समाधान किया जा सकता है।
दर्दः शरीर के किसी हिस्से में अगर आपको तेज दर्द है तो भी आपकी सेक्स लाइफ प्रभावित होती है। तेज दर्द से राहत पाने के लिए डॉक्टर की सलाह से आप कोई भी पेन किलर ले सकते हैं। हालांकि दवा लेने से पहले ये भी जान लें कि पेन किलर के सेक्सुअल साइड इफेक्ट भी हते हैं।
ह्रदय रोग- अगर आपको ह्रदय संबंधी बीमारी है तो आपकी सेक्स लाइफ बुरी तरह प्रभावित होती है। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर किसी को जल्द ही ह्रदय घात हुआ हो तो उक्त व्यक्ति को कुछ समय केलिए सेक्स से दूर रहना चाहिए या फिर इसे लेकर बेहद सतर्क रहने की आवश्यकता है।
अवसाद- यह मानसिक स्थिति आपके अंतर्मन को प्रभावित करती है। आप हमेशा अपने को किसी चीज की कमी से जोड़कर देखते हैं। इस स्थिति में आप सेक्स से दूर होते हैं। इसके लिए डॉक्टर्स आपको कुछ दवाओं की सलाह दे सकते हैं जो बदले में आपकी सेक्स लाइफ को प्रभावित कर सकती है।
इस बीच आप कामोत्तेजा में मुश्किलों का सामना कर सकते हैं। ऐसे में दवा की कम डोज या दवा बदलना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। इन सबसे पहले आपको डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
टेस्टोस्टेरॉन और मेनोपॉज की कमी- टेस्टोस्टेरॉन की कमी से जूझ रहे लोगों को भी सेक्स से जुड़ी समस्या जकड़ सकती है। ये समस्या उम्र बढ़ने के साथ बढ़ती है। टेस्टोस्टेरॉन उम्र बढ़ने के साथ कम होने लगते हैं।
जब महिलाएं उम्र के 40वें या 50वें पड़ाव पर होती हैं तो उन्हें मेनोपॉज हो सकता है जो कि शरीर में एस्ट्रोजेन के लेवल को कम कर देता है। इसकी वजह से महिलाओं में वजाइनल ड्रायनेस, हॉट फ्लैशिश और सेक्सअल डिजायर की कमी होने लगती है। इसके लिए आप तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें।