तब्लीगी जमात की हरकतें जो बर्दाश्त नहीं की जा सकतीं, जानिए क्वारैंटाइन सेंटरों में क्या कर रहे हैं

ये कौन हैं, ये क्या करते हैं, क्या ऐसी ही शिक्षा के लिए मरकज में आते हैं। जिन डॉक्टरों के भरोसे उनके जीवन बचाने की जद्दोजहद चल रही है उन्ही के साथ इतनी जहालत, क्या इसी को शिक्षा कहते हैं। देश-दुनिया के कोने-कोने से दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज में पहुंचे तबलीगी समाज के लोगों को कोई कैसे सभ्य कह सकता है। डॉक्टरों के ऊपर थूकना, उनसे बदसलूकी करना इतना ही नहीं जहां इन्हें क्वारैंटाइन किया गया है वहां बिना कपड़ों के घूमना और उन नर्सों के साथ अभद्रता जो उनकी सेवा में अपना जीवन दांव पर लगा रही हैं। नर्सों को किए जाने वाले उनके इशारे उनके अभद्र होने के गवाह हैं। अब सीएमओ ने डीएम से शिकायत की है, डीएम ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
शिकायत के बाद एमजीएम अस्पताल पहुंची पुलिस
डीएम ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं, ऐसी शिकायत मिलने के बाद पुलिस भी एमजीएम अस्पताल पहुंच गई। बता दें निजामुद्दीन स्थित मरकज की इमारत से बुधवार तक 2000 से ज्यादा जमातियों को बाहर निकाला गया। जमात के लोग किसी की सुनने को तैयार नहीं। हालांकि मरकज के प्रमुख ने अपील की है कि मस्जिदों मे न जाकर घर पर ही नमाज अदा करें। लेकिन उनका यह फरमान काफी देर के बाद आया।
मरकज से लकर सड़कों तक थूकते रहे जमाती
इससे पहले भी मरकज के बाहर निकलते समय तबलीगी जमात के लोगों ने सड़कों पर, मरकज में और जिन बसों से उन्हें ले जाया गया बसों में उनका थूकना जारी रहा। मंगलवार को 167 जमातियों को तुगलकाबाद क्वारैंटाइन सेंटर ले जाया गया। दिल्ली सरकार के अधिकारी ने बताया था कि ये लोग क्वारैंटाइन सेंटर में जगह-जगह थूक रहे हैं। डॉक्टरों और देखरेख में जुटे स्टाफ को गालियां दे रहे हैं। अस्पताल में भर्ती जमात के एक व्यक्ति ने तो खुदकुशी की भी कोशिश की थी।
कहां पर कितने संक्रमित पाए गए
अब सरकार के सामने सबसे बड़ा संकट है मरकज से निकले लोगों की तलाश करना। 22 से ज्यादा राज्यों में अभियान छेड़ा गया है। इनमें से कई लोगों को ट्रेस कर लिया गया है। इनमें तमिलनाडु में 77, आंध्र प्रदेश 43, दिल्ली में 24, तेलंगाना में 21, अंडमान-निकोबार में 9, असम में 5 और कश्मीर में एक कोरोना संक्रमित पाया गया है जबकि उत्तर प्रदेश में जमात से लौटे 569 लोगों को क्वारैंटाइन किया गया है।
जमातियों ने किया तालिबानी अपराधः मुख्तार अब्बास नकवी
इससे पहले स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि देश में जबलीगी जमात के लोगों के कारण कोरोना संक्रमण मरीजों की संख्या अचानक उछाल आया है। बीते 24 घंटे में 386 मामले सामने आये हैं। इस मामले में भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए कहा, तबलीगी जमात के लोगों के तालिबानी अपराध किया है, उन्हें इस अपराध के माफ नहीं किया जा सकता है। जमात के लोगों ने देश के तमाम लोगों की जान खतरे में डाला है, ऐसे संगठनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, उन्होंने कहा, हो सकता है उन्होंने ये हरकत जानबूझकर की हो।
रेलवे भी जमातियों के संपर्क में आए लोगों की तलाश में जुटा
जमातियों के संक्रमण की पुष्टि होने के बाद अब रेलवे भी उन यात्रियों की तलाश तेज कर दी है जो उनके संपर्क में आए थे। ये सभी ट्रेने 13 से 19 मार्च की बीच दिल्ली से निकली थीं। इनमें आंध्र प्रदेश को जाने वाली दुरंतो एक्सप्रेस, चेन्नई तक जाने वाली ग्रैंड ट्रंक एक्सप्रेस और तमिलनाडु एक्सप्रेस शामिल है। इसके अलावा, नई दिल्ली-रांची राजधानी एक्सप्रेस और एपी संपर्क क्रांति एक्सप्रेस भी हैं। चिंता है कि इन ट्रेनों में हजारों यात्री इन जमातियों के संपर्क में आए होंगे। रेलवे इन ट्रेनों के यात्रियों की लिस्ट बनाने में जुटी है।
जमातियों के वजह से 22 राज्यों में बढ़ा संक्रमड़ का खतरा
-मरकज में 1 से 15 मार्च के बीच हुए थे कार्यक्रम
-इसमें देश-विदेश के 5 हजार से ज्यादा लोग शामिल हुए थे
-इसके बाद भी करीब 2000 से ज्यादा लोग यहां रुके रहे
-ज्यादातर लॉकडाउन से पहले अपने घरों को लौट गए थे
-यहां से संक्रमण का खतरा 22 राज्यों में बढ़ रहा है
-तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, असम, उत्तरप्रदेश, तेलंगाना, पुडुचेरी, कर्नाटक, अंडमान निकोबार, आंध्रप्रदेश, श्रीनगर, दिल्ली, ओडिशा, प.बंगाल, हिमाचल, राजस्थान, गुजरात, मेघालय, मणिपुर, बिहार, केरल और छत्तीसगढ़
-संक्रमितों से संपर्क में 22 राज्यों के 16 शहरों में कम से कम 10 हजार लोग आए
-राज्यों को भी इन लोगों की सूची भेज दी गई है
-10 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में कोरोना के 16 हॉटस्पॉट चिह्नित किए हैं
-यहां संक्रमण का सामुदायिक फैलाव (कम्युनिटी ट्रांसमिशन) हो सकता है
मरकज में 2100 विदेशी भी थे शामिल
-गृह मंत्रालय के अनुसार मरकज में शामिल होने के लिए 2100 विदेशी पहुंचे थे
-इनमें इंडोनेशिया, मलेशिया, थाइलैंड, नेपाल, म्यांमार, बांग्लादेश, श्रीलंका और किर्गिस्तान के लोग शामिल
-मरकज में पहुंचने वाले विदेशी निजामुद्दीन में बंगलेवाली मस्जिद में अपनी सूचना देते हैं
-अब तक 2,137 लोगों की पहचान करके उनकी मेडिकल जांच की जा चुकी है
-1339 लोगों को नरेला, सुल्तानपुरी, बक्करवाला, झज्जर और एम्स में क्वारैंटाइन किया गया
-303 में कोरोना के लक्षण थे, जिन्हें दिल्ली के अलग-अलग अस्पतालों में दाखिल कराया है
मरकज के आयोजकों पर FIR
दिल्ली पुलिस ने लॉकडाउन का उल्लंघन करते हुए धार्मिक सम्मेलन आयोजित किए जाने पर आयोजनकर्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है और मरकज को सील कर दिया है। पुलिस ने वीडियो जारी कर बताया है कि हमने 23 मार्च को ही मरकज के वरिष्ठ लोगों को कार्यक्रम न करने की सलाह दी थी।