टीएमसी से भाजपा में आए सुवेंदू अधिकारी का प. बंगाल में नया नारा-हरे कृष्ण, हरे-हरे! बीजेपी घरे-घरे

टीएमसी से भाजपा में शामिल हुए सुवेंदू अधिरकारी ने पश्चिम बंगाल में नया नारा दिया
पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हलचल तेज है। सत्ताधारी टीएमसी खेमें में खासी उथल-पुथल है। टीएमसी के वरिष्ठ नेता सुवेंदू अधिकारी भाजपा में शामलि हो गए तो चार अन्य मंत्री भी ममता बनर्जी की कैबिनेट बैठक से गायब रहे। कहा जा रहा है कि लंबे समय से ये नेता टीएमसी से नाराज चल रहे थे। हालांकि अभी इन चारों के बारे कुछ भी स्पष्ट नहीं हो पाया है। इस बीच टीएमसी से भाजपा में गए सुवेंदू अधिकारी ने एक रोड शो के दौरान भाजपा के पक्ष में प्रचार करते हुए एक नया नारा दिया है। उन्होंने कहा हरे कृष्ण, हरे-हरे! बीजेपी घरे-घरे।
बता दें वर्ष 2007 में नंदीग्राम आंदोलन से तृणमूल कांग्रेस की मुखिया ममता बनर्जी की जीत का रास्ता बना था। ममता ने नंदीग्राम में वाममोर्चा के तत्कालीन सीएम बुद्धदेव भट्टाचार्य के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंका था। इस आंदोलन को खत्म करने के लिए वाम सरकार ने आंदोनकारियों पर गोलियां तक चलवाई थीं। इस आंदोलन में सुवेंदू अधिकारी में महत्वपूर्ण भूमिक निभाई थी।
सुवेंदूं अधिकारी उस वक्त कांथई दक्षिण सीट से विधायक थे। जिस वक्त बंगाल में वामपंथ की सरकार थी उस वक्त सुवेंदू ने सीपीआई के बाहुबली नेता लक्ष्मण सेठ को हराकर तृणमूल का सिक्का जमाया था। वर्तमान में सुवेंदू अधिकारी का मोदिनापुर, पश्चिम मेदिनीपुर, बांकुड़ा, मुर्शिदाबाद, पुरुलिया, बर्दवान जिले की तकरीबन 60 सीटों पर असर माना जाता है।
सुविंदू अधिकारी का ममता बनर्जी से विवाद की मुख्य वजह ममता के भतीजे और एमपी के अभिषेक को पार्टी में अहम भूमिका को लेकर हुआ था। इसके अलावा पार्टी में प्रशांत किशोर के बढ़ते प्रभाव में दोनों के रिश्तों को प्रभावित किया था।इसके अलावा 26 नवंबर को प. बंगाल सरकार के एक सांविधिक निकाय हुगली रिवर ब्रिज कमीशन (HRBC) के अध्यक्ष पद से उन्होंने इस्तीफा दे दिया। 27 नवंबर को प. बंगाल परिवहन मंत्री पद से भी इस्तीफा दे दिया और फिर विधायक पद से भी इस्तीफा दे दिया।