सोनिया गांधी को झटका, रायबरेली के 35 कांग्रेसियों ने सोनिया गांधी को भेजा इस्तीफा

उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव के ठीक पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। रायबरेली (सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र) के 35 पदाधिकारियों ने बगावत कर सोनिया गांधी को अपना इस्तीफा भेज दिया है। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सच्व व पूर्व जिला प्रभारी शिव कुमार पाण्डेय समेत 35 पदाधिकारियों ने सांसद सोनिया गांधी को इस्तीफा वाला पत्र भेजा है। इस्तीफा देने वाले पदाधिकारियों ने पार्टी की नई कार्यकारिणी से असंतुष्ट होने के साथ-साथ कई कार्यकर्ताओं के साथ भेद-भाव किए जाने का आरोप लगाया है।
बतादें बीते दिनों केन्द्रीय मंत्री और भाजपा नेता स्मृति इरानी अमेठी दौरे पर आई थीं। इस दौरे पर उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा था कि यहां के लोग अपने सांसद और विधायक से चुनाव के बाद मिलने को तरस जाते हैं। लेकिन अब ऐसा नहीं है। उन्होंने यहां तक कहा था कि 2024 के चुनाव में रायबरेली में भी कमल खिलेगा। उनके इस बयान के बाद कांग्रेस में इस तरह की बगावत से सियासी पारा चढ़ा हुआ है।
इस्तीफा देने वाले पीसीसी सदस्य शिव कुमार पाण्डेय ने कहा, पार्टी को कमजोर करने के लिए जिलाध्यक्ष व अन्य जिलास्तरीय पदाधिकारी कार्य कर रहे हैं। हाल में ही गठित ब्लाक के नई कार्यकारिणी में पुराने कार्यकर्ताओं को तवज्जो न देकर अन्य पार्टी से आए लोगों पर भरोसा करते हुए उनको ब्लाक के महत्वपूर्ण पद पर बैठाया गया है, जिससे पार्टी की नींव कमजोर हो रही है।
उन्होंने कहा कांग्रेस का गढ़ रही अमेठी संसदीय सीट भी कांग्रेस के हाथ से निकल गई। इसके पीछे यही कारण था। अब लगता है रायबरेली सीट भी कांग्रेस के हाथ से चली जाएगी। उन्होंने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर जांच करवाने की मांग की है। इसी के साथ ही उन्होंने कुल 35 पदाधिकारियों ने एक साथ इस्तीफा सांसद सोनिया गांधी को पत्र लिखकर भेजा है।