शशि थरूर के बगावती सुर, बोले कांग्रेस अध्यक्ष बनने के लिए होने चाहिए चुनाव

कांग्रेस पार्टी की लीडरशिप फिर से राहुल गांधी को दिए जाने की ख़बरों के बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद शशि थरूर ने एक बड़ा बयान देकर सबको चौंका दिया है। थरूर ने पार्टी आलाकमान से गुहार लगाई है कि लीडरशिप चुनने के लिए चुनाव कराए जाने चाहिए, इसी से पार्टी के कैडर में नई ऊर्जा का संचार हो सकता है।
अपने बयानों के लिए मशहूर शशि थरूर ने दिल्ली कांग्रेस के नेता और शीला दीक्षित के बेटे संदीप दीक्षित के एक ट्वीट को रीट्वीट करते हुए ये सलाह दी है। संदीप ने एक स्टोरी ट्वीट की हुई है जिसमें कांग्रेस के बड़े नेताओं में लीडरशिप के सवाल पर छाई चुप्पी को लेकर सवाल खड़े किए गए हैं। संदीप ने एक अंग्रेजी अखबार में छपी रिपोर्ट में कहा है- पार्टी के जो लोग राज्य सभा में हैं, जो पूर्व मुख्यमंत्री हैं, कुछ तो वर्तमान में मुख्यमंत्री हैं और काफी सीनियर भी हैं, इन सभी को अब कदम उठाने होंगे और पार्टी के भविष्य के बारे में गंभीरता से सोचना होगा।
लीडरशिप के संकट से जूझ रही है कांग्रेस
बता दें कि साल 2019 के लोकसभा चुनावों में बुरी हार के बाद करीब 20 महीने पहले राहुल गांधी ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा दे दिया था। इसके बाद सोनिया गांधी को कांग्रेस का अंतरिम अध्यक्ष चुना गया था। उसी समय से पार्टी पर लीडरशिप का संकट कायम है और कई सीनियर लीडर्स ने सोनिया गांधी को ही अध्यक्ष बनाए जाने की बात कही है। पार्टी के वरिष्ठ नेता वीरप्पा मोइली भी कह चुके हैं- ऐसी स्थिति में जब राहुल जी पार्टी में एक्टिव नहीं रहना चाहते, साथ ही कोई और विकल्प नज़र नहीं आ रहा। मुझे लगता है किसी को आगे आकर जिम्मेदारी लेनी होगी और वो (सोनिया गांधी) कभी नहीं चाहेंगी कि कांग्रेस बिना लीडर की पार्टी बनकर रह जाए।
गौरतलब है कि कांग्रेस अपने अस्तित्व के संकट से जूझ रही है और ये संकट कितना गहरा है इसका अंदाजा दिल्ली विधानसभा चुनावों के नतीजों से स्पष्ट हो गया है। इन चुनावों में कांग्रेस ने 66 कैंडिडेट्स को टिकट दिया था जिनमें से 63 अपनी जमानत भी नहीं बचा सके। कांग्रेस को सिर्फ 4।26% वोट मिले जो कि अभी तक के सभी दिल्ली चुनावों में उसे मिले सबसे कम वोट हैं।