शाहीन बागः वार्ताकारों से बोले प्रदर्शनकारी, जब तक CAA-NRC वापस नहीं होता एक इंच नहीं हटेंगे

नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों से वार्ताकार बातचीत के जरिए कोई रास्ता तलाशने की कोशश लगातार कर रहे हैं। दो दिनों की वार्ता में कोई हल न निकलने के बाद शुक्रवार को एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट से नियुक्त वार्ताकार शाहीन बाग में प्रदर्शनकारियों से बीच पहुंचे। उनके पहुंचने के पहले ही प्रदर्शनकारी इस मांग पर अड़ गए कि जो भी वार्ता हो वह मीडिया के सामने होनी चाहिए। हालांकि वार्ताकारों ने साफ कह दिया कि वार्ता के लिए मीडिया का होना जरुरी नहीं है। हमें मीडिया की राय नहीं चाहिए, आप लोगों के साथ जो भी वार्ता होगी वह बाद में मीडिया को बताया जाएगा। हालांकि शुक्रवार को भी शाहीन बाग के प्रदर्शनकारी CAA-NRC को वापस लेने पर अड़े रहे, बातचीत विफल रही।
आखिर दूसरा रास्ता किसने बंद किया है
प्रदर्शनकारियों से तीसरे दिन मिले वार्ताकारों ने पूछा आप लोगों ने सिर्फ एक रोड बंद की है, दूसरी रोड किसने बंद की? उन्होंने कहा, आज नोएडा से दिल्ली आने वाले दूसरे रास्ते भी देखे। हमने जानने की कोशिश की है क्या कोई दूसरा वैकल्पिक मार्ग है? इस दौरान हमने देखा कि नाएडा से फरीदाबाद जाने वाला रास्ता भी बंद है जिसकी शाहीन बाग से कुछ लेना देना नहीं। आखिर इसे बंद करने का क्या मतलब और इसे किसने बंद किया है।
CAA-NRC वापस लेने पर अड़े प्रदर्शनकारी
बता दें वार्ताकार शाहीन बाग जाकर प्रदर्शनकारियों से दो तीन दिनों से लगातार वार्ता के जरिए समाधान खोजने की कोशिश कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी CAA और NRC को वापस लेने पर अड़े हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जबतक CAA-NRC वापस नहीं लिया जाता हम एक इंच भी नहीं हटेंगे। शुक्रवार को भी वार्ता विफल रही। इस बारे में साधना रामचंद्रन ने कहा, अभी हम सोचेंगे कि दोबारा कब आएंगे, आएंगे जरूर। अभी हम चर्चा करेंगे, सोचेंगे, आएंगे।
प्रदर्शन के खिलाफ दायर याचिका ही गलत है
गौरतलब है कि गुरुवार को साधना रामचंद्रन प्रदर्शनकारियों की बातों से नाराज हो गई थीं। दरअसल वार्ता के दौरान एक प्रदर्शनकारी ने साधना रामचंद्रन से सीधे तौर पर कह दिया था कि प्रदर्शन के खिलाफ दायर याचिका ही गलत है। उसके इस व्यवहार से साधना रामचंद्रन नाराज होते हुए कहा था कि यहां ऐसा ही माहौल रहा तो हम कल नहीं आएंगे। वार्ताकारों ने किसी दूसरी जगह मिलने को कहा जहां सिर्फ महिलाएं हों।
दो माह से बंद है ये रास्ता
बता दें कि शाहीन बाग चल रहे प्रदर्शन के कारण कालिंदी कुंज सड़क बंद है। आम लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। जिस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने के लिए तीन वार्ताकार नियुक्त किए।