शाहीन बागः प्रदर्शनकारी बोले, मीडिया के सामने हो बात वरना ऐसी वार्ता का कोई मतलब नहीं

नागरिकता संशोध कानून के खिलाफ शाहीन बाग में धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों ने वार्ताकारों से सामने ऐसी मांग रख दी है जिसके लिए वार्ताकार तैयार नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार नियुक्त किए गए वार्ताकारों को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वह शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों से बात चीत कर ऐसा रास्ता निकालें जिससे दो माह से ज्यादा वक्त से बंद सड़क को खोला जा सके। वार्ताकार दो दिनों से लगातार प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर रहे हैं लेकिन फिलहाल कोई रास्ता अभी तक नहीं निकल पाया है। प्रदर्शनकारी CAA और NRC को खत्म करने की मांग पर अड़े हैं तो सरकार ने भी साफ कर दिया कि किसी भी कीमत पर CAA को खत्म नहीं किया जा सकता है।
एक बार फिर होगा समाधान का रास्ता निकालने का प्रयास
दिल्ली के शाहीन बाग में CAA के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों से वार्ताकार लगातार बातचीत की कोशिश कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट से नियुक्त वार्ताकार संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन ने दो दिनों तक लगातार वार्ता के कोशिशों को परवाम चढ़ाने का प्रयास किया जिसमें अभी सफलता हासिल नहीं हो पाई है। शुक्रवार को एक बार फिर समस्या के समाधान का रास्ता निकालने का प्रयास किया जाएगा।
अगर मीडिया के सामने बात नहीं फिर ऐसी वार्ता का कोई मतलब नहींः प्रदर्शनकारी
तीसरे दिन वार्ता शुरु करने से पहले प्रदर्शनकारियों ने कहा है कि वार्ताकारों को मीडिया के सामने ही अपनी बात रखनी होगी। अगर ये लोग ऐसा नहीं करते हैं तो फिर ऐसी वार्ता का कोई मतलब नहीं है। उनका कहना है कि देश इस बात को जाने कि प्रदर्शनकारियों और वार्ताकारों के बीच किस स्तर की और कैसी बातें हुई हैं। उधर वार्ताकारों ने कहा है कि मीडिया के सामने फिलहाल कोई वार्ता नहीं हो सकती है। उन्होंने कहा है कि मीडिया को राय देने की जरुरत नहीं, हम प्रदर्शनकारियों से वार्ता करने आए जो अपनी समस्याओं के समाधान का मार्ग बताएंगे जिसे सुप्रीम कोर्ट से सामने रखा जाएगा।
उम्मीद है कि कोई न कोई रास्ता जरुर निकलेगा
गौरतलब है कि बुधवार को कोर्ट के निर्देशानुसार वार्ताकार शाहीन बाग पहुंचे थे। जिसमें संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन शामिल थीं। साधना रामचंद्रन ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पढ़कर सुनाए और फिर प्रदर्शनकारियों से सुलह की बीत की थी। इसके बाद वार्ताकार वापस लौट आए थे। गुरुवार को फिर वार्ताकार पहुंचे लेकिन फिर कोई बात नहीं बना अब शुक्रवार को एक बार फिर वार्ता का दौर शुरु होगा। साधना रामचंद्रन ने उम्मीद जताई है कि कोई न कोई रास्ता जरुर निकलेगा।
बात करने लायक माहौल नहींः साधना रामचंद्रन
गुरुवार को दूसरे दिन की बातचीत में वार्ताकारों ने प्रदर्शनकारियों के सामने इस बात पर जोर दिया कि सड़क खुल जाए और प्रदर्शन भी चलता रहे। शाहीन बाग में ऐसा कोई रास्ता निकाला जाए। बीते दिन काफी देर तक आंदोलनकारियों और वार्ताकारों के बीच बातचीत का सिलसिला चलता रहा। अंत में जब कोई नतीजा निकलता नहीं दिखा तो बात करने लायक माहौल ना होने की बात कहकर साधना रामचंद्रन नाराज हो गईं।
कोई हल आपकी तरफ से निकले आपकी सहमति से निकलेः संजय हेगड़े
गुरुवार को संजय हेगड़े ने कहा था कि प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर कोई हल निकले इसका प्रयास जारी है। उन्होने कहा प्रदर्शनकारियों को इस बात का डर है कि अगर उन्होंने शाहीन बाग छोड़ा तो कोई वार्ता के लिए नहीं आएगा। उन्होंने कहा था आज जब सुप्रीम कोर्ट है तो आपकी सुनवाई कोई रोक नहीं सकता है। आपके लिए बहुत सारे वकील हैं जो कोर्ट में आपकी बातों को पुरजोर तरीके से रखेंगे। उन्होने कहा ये नहीं है कि सुप्रीम कोर्ट सुन नहीं रही है। हम यही देखने आए हैं कि कुछ हल निकले आपकी तरफ से निकले, आपकी सहमति से निकले।
थोड़ी देर के लिए खुला कालिंदीकुंज से फरीदाबाद-जैतपुर मार्ग
दिल्ली के शाहीन बाग में 69 दिन से प्रदर्शन जारी है। इस बीच उत्तर प्रदेश पुलिस ने कालिंदी कुंज से फरीदाबाद और जैतपुर की तरफ जाने वाले रास्ते को थोड़ी देर के लिए खोल दिया था। इसके बाद यूपी पुलिस ने फिर रास्ते को बंद कर दिया। 15 दिसंबर से ही बंद यह रास्ता नोएडा के महामाया फ्लाईओवर से दिल्ली और फरीदाबाद की तरफ जाता है। बता दें कि इस रास्ते पर फिलहाल टू-व्हीलर्स को जाने की इजाजत है।