शाहीन बागः प्रदर्शनकारी बोले, पुलिस पर भरोसा नहीं, SC दे सुरक्षा की गारंटी, नहीं बनी बात

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के खिलाफ दिल्ली के शाहीन बाग में बीते दो माह से प्रदर्शन किया जा रहा है। शाहीन बाग में रास्ते को घेरकर किए जाए रहे इस प्रदर्शन से दिल्ली की यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। प्रदर्शनकारियों को यहां से शिफ्ट करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने वार्ताकार नियुक्त किए हैं जो प्रदर्शनकारियों से बात चीत के जरिए कोई विकल्प तलाशे जिससे बंद रास्ते खुल जाएं। इसे लेकर बीते तीन दिनों से वार्ताकारों और प्रदर्शनकारियों से बीच वार्ता का दौर चला लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला। चौथे दिन शनिवार को एक बार फिर वार्ताकार प्रदर्शनकारियों के बीच हैं, रास्ता खोलने के लिए रास्ते तलाशे जा रहे हैं।
प्रदर्शकारी अपना मांगों पर अड़े
पहले तीन दिनों में वार्ताकारों मे अपनी तरफ से भरसक प्रयास किए कि शाहीन बाग का रास्ता किसी तरह से खुल जाए लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े हैं। उन्होंने वार्ताकारों के सामने CAA-NRC को खत्म किए जाने तक टस से मस न होने की बात कही। तो वहीं उन्होंने वार्ताकारों से कहा कि जो भी बात हो वह मीडिया के सामने हो अगर ऐसा नहीं होता है तो ऐसी वार्ता का कोई मतलब नहीं। उनकी मांगों के आगे बेबस वार्ताकार बिना नतीजा वापस लौट आए।
वार्ताकार साधना रामचंद्रन मैने ये बातें नहीं कहीं
चौथे दिन शनिवार को एक बार अपनी कोशिशों को अंजाम तक पहुंचने की उम्मीद लिए वार्ताकार एक बार फिर शाहीन बाग में है जहां उनकी बात प्रदर्शनकारियों से हुई। इस बीच प्रदर्शनकारियों से वार्ताकार साधना रामचंद्रन के सामने कुछ मांगों को रखा है। इसके पहले साधना रामचंद्रन ने प्रदर्शनकारियों से कहा था कि हमने सड़क खाली करने को नहीं कहा, हमने कहा था कि, आपने सुरक्षा की बात कही थी, मैने नहीं कहा आप शाहीन बाग से चले जाएं, प्रदर्शनकारियों ने कहा था कि हमें लिखित में सुरक्षा की गारंटी चाहिए। साधना रामचंद्रन ने कहा शाहीन बाग में एक खूबसूरत पार्क हो जहां आप अपना प्रदर्शन जारी रख सकते हैं। इस पर प्रदर्शनकारी महिलाओं ने साफ इनकार कर दिया और बात खत्म हो गई।
गलतफहमियां आंदोलन को तोड़ती हैं
साधना ने आगे कहा कि, ‘इस तरह की गलतफहमियां आपके आंदोलन को तोड़ती हैं। इन गलतफहमियों से हम लोगों को कोई नुकसान नहीं होगा, लेकिन आप लोगों को नुकसान होगा। हम भी सोचते हैं कि, शाहीन बाग के लोग कभी गलत कदम नहीं उठाएंगे। अब हमें सोचना है, गलतफहमियां पालना चाहते हैं कि देश को सही रास्ते पर ले जाना चाहते हैं। इस दौरान शाहीन बाग के प्रदर्शनकारयों ने वार्ताकारों के सामने कुछ मांगे रखीं। आइए जानते हैं क्या हैं प्रदर्शनकारियों की मांगे..
प्रदर्शनकारियों की मांगें
प्रदर्शनकारी सुरक्षा चाहते हैं और वे चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट भी इस पर एक आदेश जारी करे
प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि शाहीन बाग और जामिया के लोगों के खिलाफ मुकदमे वापस लिए जाएं
शाहीन बाग में एक दादी ने कहा कि जब CAA वापस लेंगे तो रोड खाली होगा नहीं तो नहीं होगा
एक दूसरी महिला ने कहा कि अगर आधी सड़क खुलती है तो सुरक्षा और अलुमिनियम शीट चाहिए
प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा की पुलिस नहीं बल्कि सुप्रीम कोर्ट जिम्मेदारी ले
जिन लोगों ने शाहीन बाग के खिलाफ गलत बोला है उनके खिलाफ कार्यवाही हो
शुक्रवार को क्या हुई थी चर्चा
सुरक्षा पर चर्चा
वार्ताकार और प्रदर्शनकारियों की बातचीत में सुरक्षा का मुद्दा अहम रहा
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि दिल्ली पुलिस लिखित में आश्वासन दे
उन्होंने कहा कि सुरक्षा को लेकर हमें भरोसा नहीं है
अगर घटना होती है तो कमिश्नर,बीट कॉन्स्टेबल को जिम्मेदार माना जाए
सड़क पर चर्चा
साधना रामचंद्रन ने कहा, “एक बात बताएं दूसरी तरफ की सड़क किसने घेरी है?
प्रदर्शनकारियों ने की हमने नहीं घेरी
वार्ताकार ने कहा,आप ये कहना चाहती हैं कि सड़क पुलिस ने घेरी है आपने नहीं!
प्रदर्शनकारी ने कहा पुलिस ने सड़क ही आगे से बंद कर रखी है
हमने इसे फिर अपनी सुरक्षा की वजह से बंद कर दी
अगर बंद रास्ते खुल जाएंगे तो क्या रास्ते की दिक्कतें खत्म हो जाएगी?
प्रदर्शनकारियों ने कहा,पुलिस द्वारा बंद रास्ते खुलते हैं तो समाधान निकल जाएगा