राकेश टिकैत की चेतावनीः अभी वक्त है, संभल जाए सरकार, नहीं तो गद्दी वापसी तय है…

केन्द्र सरकार के नए कृषि कानूनों के वापसी की मांग को लेकर देशभर के किसान आंदोलन कर रहे हैं। सरकार अड़ी है कि कानून वापस नहीं लिए जाएंगे जबकि किसान संगठन कानूनों की वापसी की जिद पर अड़े हैं। इस बीच भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने सरकार को चेतावनी दी है। जींद में आयोजित किसान महापंचायत को संबोधित करते हुए टिकैत ने कहा, अभी समय है सरकार संभल जाए, अगर हमने गद्दी वापसी की बात कर दी तो सरकार का क्या होगा?
जींद में आयोजित किसान महापंचायत में राकेश टिकैत ने सरकार को दो टूक कहा। सरकार के पास कृषि कानूनों को वापसी के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है। इसके पहले भी उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा था कि किसानों को लंबे समय तक आंदोलन के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा था कि आंदोलन अक्टूबर तक चल सकता है इसलिए किसान भाई अपने को इसके लिए तैयार रखें।
जींद में किसान महापंचात को संबोधित करते हुए टिकैत ने सरकार को चेतावनी दी। उन्होंने कहा, सरकार के पास अभी वक्त है, संभल जाए। उन्होंने कहा अभी हमने कृषि कानूनों को वापसी की बात कही है अगर हमने गद्दी वापसी की बात कर दी तो सरकार का क्या होगा सरकार सोच ले।
जींद की किसान महा पंचायत में ही केन्द्रीय कृषि कानूनों को वापस लेने का प्रस्ताव पारित किया गया था। इसी के साथ किसानों से स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू करने की माग की थी। इसके अलावा किसानों नें लापता किसानों का पता लगाने और दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग की थी।
बता दें किसान 26 नवंबर से पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों के किसान दिल्ली सीमा पर कृषि कानूनों की वापसी की मांग को लेकर अड़े हैं। किसान और सरकार के बीच अब तक 11 दौर की वार्ती हुई लेकिन नतीजा सामने नहीं आया। हालांकि सरकार और किसान संगठन वार्ता के लिए तैयार हैं लेकिन वार्ता का नया मुद्दा क्या होगा तय नहीं हो पा रहा है। किसान कानूनों की वापसी पर अड़े हैं और सरकार कानूनों को वापस न करने पर अड़ी है।
इसके पहले किसानों ने कृषि कानूनों की वापसी को लेकर गणतंत्र दिवस पर टैक्टर रैली निकाल चुके हैं। अब वह 6 फरवरी को भारत बंद का ऐलान किया है। इसके अलावा उन्होंने दिल्ली सीमाओं पर इंटरनेट बहाली को लेकर भी आंदोलन की बात कर रहे हैं। सरकार और दिल्ली पुलिस भी किसानों के दिल्ली में घुसने के सारे रास्ते बंद कर दिए हैं। रास्तों में बड़ी-बड़ी दीवारों के साथ सड़कों पर एकृएक फुल लंबी कीलें बिछा रखी हैं जिससे बड़े वाहन किसी भी हाल में दिल्ली में प्रवेश न कर सकें।
हरियाणा के जींद में किसानों की महापंचायत के दौरान उस समय हड़कंप मच गया जब मच पर राकेश टिकैत समेत कई किसान नेता मौजूद थे और मंच टूट गया। महापंचायत में भीड़ बहुत ज्यादा थी और मंच पर ज्यादा लोग चढ़ गये थे। गनीमत रही कि मंच गिरने से कोई हताहत नहीं हुआ।