राहुल गांधी ने पीएम मोदी का दिया जवाबः खास अंदाज में बताया तीनों कृषि कानूनों के कंटेंट और इंटेंट

राहुल ने कहा, आज पीएम मोदी को खुश करता हूं और तीनों कानूनों के कंटेट और इंटेट के बारे मे पूरे देश को बताता हूं, किसान का मुद्दा भी बजट का हिस्सा है, आप उसका सम्मान करें, किसान आंदोलन से एक इंच पीछे नहीं हटेगा ये आपको हटा देगा, आपको कृषि कानूनों को वापस लेना ही होगा…

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को लोकसभा में किसानों के मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया। इस दौरान उन्होंने केन्द्र सरकार के कृषि कानूनों को लेकर पीएम मोदी के सवालों को करारा जवाब भी दिया। उन्होंने सदन को संबोधित करते हुए कहा, बीते दिनों पीएम मोदी ने तीनों कृषि कानूनों को लेकर विपक्ष से सवाल किया था। उन्होंने कहा था समूचा विपक्ष कृषि कानूनों के कंटेंट, इंटेट पर बात नहीं करता है। राहुल ने कहा, आज पीएम मोदी को खुश करता हूं और तीनों कानूनों के कंटेट और इंटेट के बारे मे पूरे देश को बताता हूं। इस दौरान सत्ता पक्ष के सांसदों ने जमकर शोर-शराबा किया।
बजट पर चर्चा की रख रहे आधारशिला
लोकसभा में अपने संबोधन के पहले राहुल गांधी ने मृतक किसानों के लिए दो मिनट का मौन रखा। राहुल गांधी के साथ विपक्ष के सांसदों ने भी मौन रखा। इस दौरान भी शोर-शराबा होता रहा। राहुल गांधी कृषि कानूनों पर बोलते रहे और सत्ता पक्ष के लोग बजट पर चर्चा की मांग करते रहे। इस पर राहुल ने कहा वह अभी बजट पर चर्चा की आधारशिला रख रहे हैं।

किसान आंदोलन से जीएसटी तक पर बोले राहुल गांधी
लोकसभा में राहुल गांधी ने अपने 10 मिनट के संबोधन में पीएम मोदी के सवालों के जवाब में कंटेट और इंटेट की बाते करते हुए मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने इस दौरान किसान आंदोलन से लेकर कोरोना और नोटबंदी के बाद जीएसटी पर बोलते रहे। अपने संबोधन में राहुल गांधी ने बिना नाम लिए कहा, इस सरकार को देश के चार लोग चलाते हैं।
हम दो हमारे दो से साधा निशाना
राहुल ने गांधी ने कहा, आपको याद होगा पहले एक नारा हुआ करता था, हम दो हमारे दो, आज सरकार चलाने वाले भी यही कर रहे हैं। हम दो हमारे दो ही सरकार को चला रहे हैं। उनकी इस बात विपक्षी सांसदों ने देश के बड़े उद्योगपतियों के नाम लेते हुए पीएम मोदी को उनके साथ जोड़ दिया। उनका मतलब था कि सरकार कृषि कानूनों के जरिए उद्योगपतियों को किसानों को लूटने की आजादी दे रही है।
किसान भी बजट का हिस्सा हैं, उनका सम्मान करें
राहुल के संबोधन के दौरान सत्ता पक्ष की बजट पर चर्ची की मांग पर राहुल गांधी ने पलटवार करते हुए कहा, क्या किसान बजट का हिस्सा नहीं हैं, या कृषि कानून जिस पर देश में किसान आंदोलन कर रहे हैं वह बजट का हिस्सा नहीं है। उन्होंने सत्ता पक्ष के सांसदों से कहा, किसान का मुद्दा भी बजट का हिस्सा है, आप उसका सम्मान करें।
पहले कानून का कंटेंट, मंडी खत्म करना
इसके बाद राहुल गांधी ने कहा, मै पहले कानून का कंटेंट बताता हूं, इसमें किसी व्यक्ति को कहीं भी कितना भी अनाज, फल,सब्जी खरीदने का अधिकार दिया गया है। अगर देश में कहीं भी अनलिमिटेड खरीदी होगी तो मंडी तक कौन जाएगा, उन्होंने कहा पहले कानून का कंटेंट है मंडी को खत्म करना।
दूसरे कानून का कंटेट, जमाखोरी को बढ़ावा देना
दूसरे कानून का कंटेंट देश के कुछ उद्योगपतियों को अपनी शर्तों पर किसानों के उत्पाद खरीदने का अधिकार प्रदान करता है। उन्होंने कहा दूसरे कानून का कंटेंट देश में जमाखोरी को बढ़ावा देने का है। जिसका सीधा असर किसानों पर पड़ेगा। उन्होंने कहा दूसरे कानून का कंटेट है एसेंसियल कॉमोजिटी एक्ट को खत्म करने का है।
तीसरे कानून का कंटेंट, किसानों को अदालत न जाने देना
इसके अलावा तीसरे कानून का कंटेंट ये कहता है, कि जब कोई किसान अपने उत्पाद का सही दाम देश के सबसे बड़े उद्योगपित से मांगेगा तो उसे अदालत तक नहीं जाने दिया जाएगा। मतलब किसी मामले के फंसने पर किसान को अदालत में नहीं जाने दिया जाएगा। अपने उद्योगपति मित्रों को बचाने का पूरा प्लान है तीसरे कानून का कंटेंट।
किसान पीछे नहीं हटेगा, वह आपको सत्ता से हटाएगा
किसान आंदोलन पर बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा, आप समझते हैं अपने पैसे और उद्योगपतियों के दम पर किसानों के आंदोलन को खत्म कर देंगे। आप गलतफहमी में न रहें। ये किसान आंदोलन केवल किसानों का नहीं है, ये देश का आंदोलन है, और आप ये लिख लीजिए, ये किसान आंदोलन से एक इंच पीछे नहीं हटेगा ये आपको हटा देगा। आपको कृषि कानूनों को वापस लेना ही होगा।
विरोध स्वरूप बजट पर चर्चा से इनकार
अपने संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने साफ किया है कि वह केवल किसानों पर ही चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा हमने सरकार से किसानों पर अलग से चर्चा की बात कही थी लेकिन सरकार की तरफ से साफ इनकार कर दिया गया। इसलिए हमने आज केवल किसानों की चर्चा की है। आज के दिन वह विरोध स्वरूप बजट पर कुछ नहींम बोलूंगा।
किसानों की मौत पर रखा 2 मिनट का मौन
राहुल गांधी ने,कहा ये अहंकारी सरकार आंदोलन के दौरान जीवन को समाप्त करने वाले 200 किसानों के प्रति संवेदना नहीं जताई है। उनके सम्मान में मौन तक नहीं रखा है। राहुल ने विपक्षी सांसदों से दो मिनट का मौन रखने की अपील करते हुए मौन रखा।