राहुल और ज्योतिरादित्य दोनों में दिखी पार्टी छोड़ने की कसक, राहुल ने दिया बड़ा बयान

हताशा, निराशा, अपमान और काम न कर पाने की कसक कई ऐसे शब्द जिसने कांग्रेस के दिग्गज नेता को मजबूर कर दिया कि वह अब साथ नहीं दे सकता है। उसने कहा भी मै व्यथित हूं निराश भी हूं लेकिन मै ऐसा करने को मजबूर हूं। ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा में शामिल होने के बाद प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी आज मायूस नजर आए, ये स्वाभाविक था, एक मित्र जिससे वह अपने दिल की बात साझा कर सकते थे अब उनके साथ खड़ा नजर नहीं आएगा। बहुत कुरेदने पर उन्होंने अपनी बात रखी, जिस वक्त उन्होंने मुंह खोला लगा कि ज्योतिरादित्य के जाने की कितनी कसक उनके अन्दर है।
दोनों दोस्तों में पार्टी छोड़ने की कसक
वह राहुल गांधी के सबसे करीबी मित्रों में से एक थे। उनके इस तरह पार्टी छोड़ने पर कांग्रेस आलाकमान का कोई बयान तो सामने नहीं आया लेकिन मित्र के इस तरह छोड़ जाने पर राहुल गांधी का बयान जरुर सामने आया। उन्होंने कहा, ज्योतिरादित्य सिंधिया हमारे एकलौते ऐसे मित्र हैं जो कभी भी मेरे घर आ सकते हैं, वह पहले भी आया करते थे।
मै और ज्योतिरादित्य साथ-साथ पढ़े थे लेकिन
राहुल गांधी पर सिंधिया समर्थकों का आरोप है कि वह लोगों से मिलते नहीं थे। उन्होंने कहा ज्योतिरादित्य मिलना चाहते थे लेकिन मुलाकात नहीं हो पाई। इन आरोपों का जवाब देते हुए राहुल गांधी ने कहा, ज्योतिरादित्य और मै साथ-साथ पढ़े हैं। वह हमारे ऐसे मित्र हैं जो कभी भी घर आ सकते हैं। उन्हें संकोच नहीं करना चाहिए था। इस दौरान राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर एक सरकार को गिराने के षडयंत्र का आरोप लगाया।
कांग्रेस में नए नेतृत्व को तरजीह नहीं
कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद भाजपा में शामिल ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस पर कई गंभीर आरोप लगाए। बुधवार को उन्होंने कहा, कांग्रेस अब पहले जैसी पार्टी नहीं रही। यहां नए नेतृत्व को मान्यता नहीं दी जा रही है। देश की सवा अब कांग्रेस में रहकर नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा, मध्य प्रदेश का किसान त्रस्त है, नौजवान बेबस, रोजगार कम हुआ और करप्शन बढ़ गया है।