मुजफ्फरनगर में बोलीं प्रियंकाः मै भी अपने पिता की तरह खुद्दार हूं, किसानों के साथ कभी गद्दारी नहीं करूंगी

केन्द्र सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा, देश की सत्ता पर अहंकारी शासक बैठा है। उसे किसानों और देश की जनता से कोई मतलब नहीं है। उसे केवल अपने चार-पांच पूंजीपति मित्रों से मतलब है और उन्हीं के लिए सारी योजनाएं बनाई जा रही हैं…
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने मुजफ्फरनगर में कांग्रेस किसान पंचायत को संबोधित करते हुए बड़ा बयान दिया है। प्रियंका ने कहा, मै एक खुद्दार महिला हूं, मै किसानों के साथ कभी गद्दारी नहीं करूंगी। उन्होंने कहा, हमारे पिता राजीव गांधी जी ने जैसे किसानों का साथ दिया था वैसी ही मै भी आपके हर सुख-दुख में साथ खड़ी रहूंगी। इस दौरान उन्होंने केन्द्र सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा, देश की सत्ता पर अहंकारी शासक बैठा है। उसे किसानों और देश की जनता से कोई मतलब नहीं है। उसे केवल अपने चार-पांच पूंजीपति मित्रों से मतलब है और उन्ही के लिए सारी योजनाएं बनाई जा रही हैं।
प्रियंका गांधी ने मुजफ्फरनगर में किसान पंचायत में अपने संबोधन के दौरान कहा, वह यहां पर अपना मुंह दिखाने नहीं आई हूं, पहले भी आई थी। आप पर जब भी कोई संकट आएगा मैं आती रहूंगी। उन्होंने कहा, मै आपसे कहने आई हूं, आप आंदोलन से पीछे मत हटिएगा, सरकार को किसान विरोधी कृषि कानूनों को वापस लेना ही होगा। कांग्रेस आपके साथ हमेशा खड़ी मिलेगी।
प्रियंका ने कहा, किसान नए कृषि कानूनों को लेकर दिल्ली की सीमा पर नब्बे दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान सरकार का अत्याचार भी सामने आया। किसान आंदोलन के दौरान बिजली काट दी गई, पानी रोक दिया गया, उन्हें पीटा गया, फिर भी किसान शांति से आंदोलन कर रहे हैं।
प्रियंका ने कहा, किसानों को सरकार ने जैसे देश का दुश्मन मान लिया है। दिल्ली सीमा को इस तरह से बैरीकेड्स किया गया है जैसे देश की सीमा को दुश्मनों से सुरक्षित करने के लिए किया जाता है। उन्होंने कहा, जो किसान अपने बेटे को देश की सीमा की रखवाली के लिए भेजता है उसे इस तरह से जलील किया जा रहा है। पीएम ने पूरे संसद के सामने उनका मजाक उड़ाया, उन्हें परजीवी कहा।
प्रियंका ने कहा, मेरा मानना है कि देश का दिल किसान हैं, वह जमीन से जुड़ा है, जमीन को सींचता है, धरती का सीना चीरकर अन्न उगाता है जिससे देशवासियों का पेट भरता है। लेकिन आज जब टिकैट की आंखों में आंसू आते हैं तो देश के पीएम के चेहरे पर हिंसक मुस्कार झलकती है, उन्हें क्रूर मजाक सूझता है।
इस दौरान प्रियंका ने कहा, पिछले चार साल में गन्ने के दाम नहीं बढ़े। डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ते जा रहे हैं। गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ती चली जा रही है। भाजपा सरकार ने पिछले साल डीजल पर जो वैट लगाई उससे हजारों करोड़ कमाए। कहां गए वो, जिसका हक है, जो रात-दिन अपने पसीने से देश को सींचता है, उसको क्यों नहीं दिया पैसा। किसान प्रताड़ित होकर अपनी समस्या लेकर आपके पास आया तो उसकी बात क्यों नहीं सुनी।

तीन कृषि कानूनों को लेकर प्रियंका ने कहा, इस कानून के बारे में आप तो जानते ही हैं। इस पर कोई आपकी नहीं सुन रहा है। आप एसडीएम के पास जा सकते हैं, उसके ऊपर के अधिकारी के पास जा सकते हैं लेकिन अदालत नहीं जा सकते है। अगर ऐसा ही रहा तो आपकी आवाज कौन सुनेगा। अंधी बहरी सरकार ने तो पहले ही कह दिया है कि कृषि कानूनों पर आगे बात नहीं होगी।

प्रियंका ने कहा, जैसे अंहाकारी राजा होते थे, जैसे-जैसे सत्ता बढ़ती जाती थी, वे अपने महलों में बंद हो जाते थे। ऐसा लगता है कि हमारे प्रधानमंत्री भी वैसे ही अहंकारी राजा हो गए हैं। उनको ये समझ में नहीं आ रहा है कि जो जवान किसान का बेटा शरहदों की रक्षा के लिए निकला है और किसान देश की सेवा में लगा उसका अपमान नहीं उसका सम्मान करना चाहिए।