मध्य प्रदेश का सियासी ड्रामाः कांग्रेस के बागी भाजपा में शामिल, जानिए सिंधिया ने क्या कहा…

मध्य प्रदेश का सियासी ड्रामा अभी थमा नहीं है। कुछ दिन पहले तक भाजपा में शामिल न होने की बात कहने वाले कांग्रेस के 22 विधायकों का मन शनिवार को अचानक बदल गया। मध्य प्रदेश चुनाव में टिकट मिलने का आश्वासन और उचित सम्मान की शर्त पर उन्होंने भाजपा की सदस्यता स्वीकार कर ली। कांग्रेस के 22 बागी विधायक शनिवार को भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने अपने आवास पर सभी को भाजपा की सदस्यता दिलाई।
भाजपा के हुए कांग्रेस के बागी विधायक
भाजपा की सदस्यता लेने के बाद जेपी नड्डा ने सभी बागी विधायकों से मध्य प्रदेश के राजनीतिक हालातों पर चर्चा की। इसके बाद सभी विधायक एक बस सवार होकर वहां से रवाना हो गए। विधायकों को केन्द्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान, नरेन्द्र सिंह तोमर, भाजपा नेता अनिल जैन और नरोत्तम मिश्रा बस तक छोड़ने आए।
विधायकों को भाजपा में मिलेगा उचित सम्मान
कांग्रेस के बागी विधायकों के भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर लेने के बाद सिंधिया ने कहा, जो भी कांग्रेस के नेताओं मे आज भाजपा की सदस्यता ग्रहण किए हैं उन्हें भाजपा में उचित सम्मान मिलेगा। सिंधिया ने कहा, आज भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की तरफ से तमाम नेताओं का स्वागत किया गया। इस दौरान दो निर्दलीय विधायक भी भाजपा अध्यक्ष के आवास पर पहुंचे थे।
दावा, दो दिनों में होगा सरकार का गठन
उधर मध्य प्रदेश में एक सियासी घटनाक्रम में भाजपा नेताओं ने गोपाल भार्गव के नेतृत्व में राज्यपाल से मिलने राजभवन पहुंचे थे। बताया जा रहा है यह मुलाकात राज्य में सरकार बनाने की एक कवायद के तहत की गई है। भाजपा विधायक नरोत्तम मिश्रा ने दावा किया है कि राज्य में दो दिनों में सरकार का गठन कर लिया जाएगा।
कौन होगा अगला सीएम चर्चा का बाजार गर्म
लेकिन बड़ा सवाल यह है कि मध्य प्रदेश में भाजपा की तरफ से राज्य की कमान कौन संभालेगा। सियासी गलियारों में इस पर दिनभर माथापच्ची चलती रही। जानकारी के अनुसार पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान और नरेन्द्र सिंह तोमर सीएम पद के सर्वोच्च दावेदारों में से हैं। लेकिन भाजपा की इतिहास चौंकाने वाला रहा है। इसलिए अभी किसी पर निश्चित बयान जारी नहीं किया जा रहा है।
अमित शाह ने नेताओं से की अलग-अलग वार्ता
वहीं दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह ने तोमर से अलग से बात की है। धर्मेंद्र प्रधान से भी दोनों की बात हुई। माना जा रहा है कि शिवराज-तोमर में से ही एक नाम को पार्टी आलाकमान प्राथमिकता दे सकती है। नरोत्तम को सरकार में पावरफुल दर्जा मिलेगा।