लोकसभा में बोले पीएम मोदीः किसान आंदोलन पवित्र है, लेकिन आंदोलनजीवी उसे अपवित्र बना रहे हैं…

लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान पीएम मोदी ने एक बार फिर किसान आंदोलन की चर्चा की। इस बात उन्होंने किसान आंदोलन में तथाकथित किसानों के घुसपैठ को लेकर अपनी बार रखी। उन्होंने कहा, देश को आंदोनकारियों और आंदोलनजीवियों मे फर्क को समझना होगा। उन्होने कहा किसान आंदोलन पवित्र है लेकिन आंदोलनजीवी इसे अपवित्र कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, किसान आंदोलन के दौरान दंगाइयों की तस्वीरें कैसे सामने आईं, टोल प्लाजा और टेलीकॉम टावरों को तोड़ना क्या आंदोलनाकरियों का काम है? नहीं, ये आंदोलनजीवी ही कर सकते हैं। उन्होंने कहा अब देश को आंदोलकारी और आंदोलनजीवियों में फर्क किया जाए, तोड़फोड़ और हिंसा से आंदोलन अपवित्र होता है।
चर्चा को दौरान पीएम मोदी ने कटाक्ष करते हुए कहा, आंदोलनजीवी बहुत अच्छा बोलते हैं, लेकिन कभी अच्छा करते नहीं। ये जेंडक इक्विलिटी की बात करते हैं लेकिन तीन तलाक कानून का विरोध करते हैं। तमिलनाडु भुक्तभोगी है। वो जो कहते हैं वो करते नहीं और हम अच्छा करने की कोशिश कर रहे हैं आंदोलनजीवी विरोध करते हैं।

चर्चा के दौरान पीएम मोदी ने पूर्व कृषि मंत्री शरद पवार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा,2005 में एपीएमसी मंडी कानून में संशोधन के लिए कदम उठाए गए। डायरेक्ट मार्केटिंग, कॉन्ट्रैक्ट फॉर्मिंग, प्राइवेट मार्केट, उपभोक्ता फॉर्मर मार्केट्स के लिए नियम 2007 में लागू किए गये।
इसके परिणाम स्वरूप राज्य में 24 प्राइवेट मार्केट अस्तित्व में आए।पीएम ने कहा, 21वीं शताब्दी में हम 18वीं शताब्दी की सोच लेकर कृषि क्षेत्र में सुधार नहीं कर सकते। हमें बदलना होगा। कोई नहीं चाहता कि किसान गरीबी में ही जीवन बिताए और उसे जीने का अधिकार ना मिले। मैं मानता हूं कि किसान को किसी पर निर्भर नहीं होना चाहिए और ये हमारी जिम्मेदारी है।
प्राइवेटाइजेशन का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, प्रगति के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के साथ प्राइवेट सेक्टर भी बहुत महत्वपूर्ण है। कोई भी सेक्टर ले लीजिए, चाहे वो टेलीकॉम हो या फॉर्मा सेक्टर, हमने प्राइवेट सेक्टर का योगदान देखा है। अगर भारत मानवता की सेवा करने में सक्षम है, तो ये प्राइवेट सेक्टर के कारण ही हो पाया है।