पीएम मोदी ने कोरोना टीकाकरण की शुरुआत की- ‘चीन में बेसहारा छोड़ दिए गए दूसरे देश के नागरिकों को हमने निकाला’

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार से देश में कोरोना वैक्सीनेशन की शुरुआत कर दी। वैक्सीनेशन के पहले चरण में कोरोना वारियर्स प्राथामिकता दी गई जबकि दूसरे चरण में 50 साल से ऊपर के तथा ऐसे लोगों को शामिल किया जाएगा जो गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। इस अवसर पर पीएम मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए बताया कि कैसे लॉकडाउन के देश को तैयार किया। उन्होंने कहा उस दौरान भारत ने समय-समय पर अपने फैसलों में बदलाव किया और कोरोना पर काबू पाने की कोशश करता रहा। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने पड़ोसी देश पाकिस्तान की करतूतों को भी उजागर किया।
कोरोना वैक्सीनेशन की शुरुआत करते हुए पीएम मोदी ने कहा, कोरोना महामारी के लिए देश की तमाम योजनाओं को परे हटाकर पहले लोगों को सुरक्षित रखना सरकार का काम था। इस दौरान हमारे पड़ोसी देश ने जो करतूत की उसे भुलाया नहीं जा सकता है। उन्होंनेकहा हमारे पड़ोसी देश ने कोरोना की जंग में आपने नागरिकों को चीन में उनके हाल पर छोड़ दिया था। लेकिन हमने ऐसा नहीं किया। हमने न केवल अपने नागरिकों की मदद की बल्कि दूसरे देशों के नागरिकों को भी चीन से बाहर निकाला।
पीएम मोदी ने कहा, उन देशों को लगता था कि अगर उनके नागरिक चीन से अपने देश आ गए तो देश के लिए खतरा बन जाएंगे। ऐसे समय में हमने अपने देश के नागरिकों का साथ नहीं छोड़ा। हमने न सिर्फ भारत बल्कि कई दूसरे देशों के नागरिकों को भी वहां से निकाला ऐर अपने देश में शरण दी।
बता दें पाकिस्तान की इमरान सरकार ने कोरोना संक्रमण के शुरुआती समय के में अपने देश के नागरिकों को चीन में मरने के लिए छोड़ दिया। चीन में पाकिस्तान के तमाम नागरिकों ने इमरान सरकार से कई बार अपील की थी लेकिन इमरान सरकार ने उनकी अपील को नजरअंदाज कर दिया था। उनके बाद पाकिस्तानी नागरिकों ने भारत के पीएम मोदी से चीन ने निकालने की गुहार लगाई थी।
पीएम मोदी ने कहा, 17 जनवरी 2020 की तारीख थी जू भारत ने पहली एडवाइजरी जारी की थी। भारत दुनिया के इन देशों में शामिल था जिसने सबसे पहले एयरपोर्ट पर यात्रियों की स्क्रिनिंग की व्यवस्था की थी। भारत सरकार ने समय-समय पर अपने फैसलों में बदलाव कर कोरोना संक्रमण पर काबू पाने का काम किया। उन्होंने बताया कि 30 जनवरी को भारत में पहला कोरोना मरीज सामने आया था लेकिन भारत से इसके दो सप्ताह पहले ही हाई लेवल कमेटी बना चुका था।
अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने जनता कर्फ्यू का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा जनता कर्फ्यू के दौरान हमारे समाज ने बेहद संयम और अनुशासन का परिचय दिया। इसमें हम देशवासी सफल हुए। जनता कर्फ्यू ने देश को मनोवैज्ञानिक रुप से लॉकडाउन के लिए लोगों को तैयार करने में मदद की।