चीन की हरकतों से बेफिक्र नेपाल, भारत से लगातार बढ़ा रहा है तनाव, सीमाई इलाकों में बनाए हेलीपैड

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चीन की सरपरस्ती में भारत से बैर मोल लेने वाला नेपाल अपनी ओछी हरकतें नहीं छोड़ रहा है। हालांकि चीन ने नेपाल के कई गांवों पर कब्जा कर लिया है और कई अन्य गांवों पर उसकी कुटिल निगाहें गड़ी हुई हैं। इस बात को नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली अच्छी तरह से समझते हैं, लेकिन उनके आंखों पर चीन की कम्युनिष्ट सरकार का पट्टा लगा है और लगातार भारत के विरोध में लगे हैं। ताजा मामले में नेपाल अब सीमावर्ती इलाकों में हेलीपैड का निर्माण कर रहा है।
इसके अलावा नेपाल का भारत विरोधी कदम यहीं नहीं रुकता है, वह नए राजनीतिक नक्शे को मंजूरी देने के साथ ही कई ऐसे घटनाक्रम हुए जिसने भारत के खिलाफ मुहीम को बढ़ाया है। लिपुलेख सड़क के उद्घाटन के बाद नेपाल ने सीतापुल के पास छांगरू में बीओपी खोल दी है। यही नहीं उत्तराखंड में बरहमदेव से तिंकर तक 285 किलोमीटर की सड़क भी बना रहा है।
इस सड़क को बनाने का काम पहले नेपाल के लोक निर्माण विभाग के पास था। लेकिन अब ये जिम्मा नेपाली आर्मी ने अपने हाथों में ले लिया है। यही वजह है कि इन इलाकों तक जरूरी सामान पहुंचाने के लिए जगह-जगह हैलीपेड भी तैयार किए जा रहे हैं। इन हेलीपेड को सड़क निर्माण के साथ ही सुरक्षा बलों को बीओपी तक पहुंचाने तक के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
बीते दिनों नेपाल ने मालपा के ठीक सामने घाटी बगड़ में एक हेलीपेड तैयार किया है। इस हेलीपेड में आए दिन नेपाली हेलीकॉप्टर सड़क निर्माण के लिए जरूरी सामान लाता है। साथ ही सुरक्षा बलों को भी हेलीकॉप्टर की मदद से ही बॉर्डर तक पहुंचाया जाता है। यही नहीं हेलीकॉप्टर की मदद से भारत के बॉर्डर इलाकों में भी नेपाल पूरी निगाह बनाए हुए है। छांगरू में बीओपी बनाने के बाद बीते दिनों नेपाल ने पहली बार तिंकर में भी सशस्त्र प्रहरी बल तैनात किए हैं। तिंकर नेपाल का अंतिम गांव तो है ही साथ ही ये इलाका चीन, नेपाल और भारत का ट्राई जंक्शन भी है। इस लिहाज से ये सुरक्षा के लिए खासा अहम है।
हेलीकॉप्टर की मदद से नेपाली सुरक्षा बल गुंजी के ठीक सामने कौआ, कालापानी तक पहुंचे हैं। नेपाल की बॉर्डर में सक्रियता को देखते हुए भारतीय सुरक्षा एजेंसिया भी पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। नेपाल बॉर्डर पर सुरक्षा का जिम्मा संभाल रहे सीमा सुरक्षा बल के जवान चप्पे-चप्पे पर तैनात किए गए हैं। जो नेपाल की सभी हरकतों पर निगाह बनाए हुए हैं। इस इलाके में भारत को लेकर तो नेपाल मई से ही एक्टिव मोड पर था, लेकिन तिंकर ऐसा इलाका है, जहां पहली बार नेपाली सुरक्षा एजेंसिया पहुंची हैं। इस लिहाज से नेपाल ने पहली बार चीन सीमा पर भी अपने सुरक्षा बल तैनात किए हैं।
नेपाल के बॉर्डर इलाके के एक सांसद ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि राजशाही के दौर में नेपाल सीमाओं को लेकर बेपरवाह बना रहा। लेकिन गणतंत्र होने पर नेपाली सरकार सीमाओं की सुरक्षा और अपनी जमीन को लेकर पूरी तरह गंभीर है। यही वजह है कि भारत से लगे हर इलाके पर सुरक्षा बल तैनात किए जा रहे हैं। साथ ही खुले बॉर्डर को रोड से भी जोड़ा जा रहा है। ताकि स्थानीय लोगों के साथ सुरक्षा एजेंसियों को भी आसानी हो।
भारत-नेपाल मामलों के जानकार प्रेम पुनेठा मानते हैं कि नेपाल पूरी तरह भारत पर निर्भरता खत्म करना चाह रहा है। इसीलिए बॉर्डर पर वो भी हर तरीके के सुविधाओं को जुटाने में लगा है। साथ ही पुनेठा बताते हैं कि चीन से नेपाल की बढ़ती करीबी उसे स्वाभाविक तौर पर भारत से दूर कर देगी। बीते दिनों चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं ने नेपाल की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं के साथ वार्ता हुई थी। जिसके बाद ये माना जा रहा है कि नेपाल अब चीन के दिखाए रास्ते पर भी आगे बढ़ेगा।