मुस्लिम लड़कियां छोड़ रहीं इस्लाम ! जमीयत उलेमा ए हिंद का सामने आया बड़ा बयान

गैर मुस्लिम लड़के कर रहे मुस्लिम लड़कियों के शादी

लड़कियों के अधिकार का बात करने वाले मुस्लिम धर्म गुरु का एक विवादास्पद बयान सामने आया है। जमायत उलेमा ए हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी का यह बयान तालिबानियों के बयान की तरह ही है। अरशद मदनी ने मुस्लिम लड़कियों की सह शिक्षा को लेकर कहा है कि उन्हें लड़कों के साथ शिक्षा न करने दिया जाए। उन्होंने मुस्लिम लड़कियों के लिए अलग से स्कूल खोलने की वकालत की है।
मुस्लिम लड़कियां छोड़ रहीं इस्लाम
दिल्ली में आयोजित जेयूएच की कार्यसमिति की बैठक के बाद सोमवार को जारी बयान में मदनी ने कहा, दुनिया के हर धर्म में अनैतिकता और अश्लीलता का निंदा की गई है। उन्होंने यह भी कहा, सह शिक्षा के कारण ही मुस्लिम लड़कियां इस्लाम को छोड़ रही हैं और यह एक सोची समझी रणनीति के तहत किया जा रहा है।
लड़कियों के लिए हो अलग शिक्षण संस्थान
मदनी ने कहा, मुस्लिम लड़कियां अपना धर्म छोड़ रही हैं और ऐसी मुस्लिम लड़कियों की तादात लगातार बढ़ रही है। हालांकि मदनी ने इस पर कोई स्पष्ट मत व्यक्त नहीं किया लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि मुस्लिम लड़कियां दूसरे धर्म में शादी कर रही हैं इसलिए वह अपना धर्म छोड़ रही हैं। मुस्लिम लड़कियों के अलग स्कूल की व्यवस्था की जाए जिसमें उन्हें इस्लाम की महत्ता के बारे में बताया जाए जिससे वह इस्लाम को अच्छी तरह से समझ सकें।
गैर मुस्लिम लड़के मुस्लिम लड़कियों से कर रहे शादी
अरशद मदनी ने अपने बयान में कहा, गैर मुस्लिम लड़के मुस्लिम लड़कियों से संगठित तरीके से शादी कर रहे हैं और इसके लिए उन्हें प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी के साथ मदनी ने कहा, वह गैर मुस्लिम संस्थाओं से भी वार्ता करेंगे वो लड़कियों के लिए अलग से शिक्षण संस्थाएं बनाएं। बता दें, हिंदू संगठन भी मुस्लिमों पर संगठित तौर पर लव जिहाद का आरोप लगाते रहे हैं।
मुस्लिम धर्मगुरुओं की मिला समर्थन
अरशद मदनी के बयान के समर्थन में कई मुस्लिम धर्म गुरु सामने आए हैं। मुफ्ती असद कासमी ने अरशद मदनी के बयान का समर्थन किया है तो मौलाना राशिद फरंगी महली ने कहा, स्कूल तक को ऐड शिक्षा ठीक है लेकिन कॉलेज लेवल पर इस पर सोचना जरुरी है।
जमीयत उलेमा ए हिंद के बयान पर नेताओं की कड़ी प्रतिक्रिया
जमीयत उलेमा ए हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी के बयान पर सपा नेता सुनील राजन ने टिप्पणी की है। उन्होंने कहा, यह अरशद मदनी और उनके धार्मिक संगठन की सोच हो सकती है। लेकिन अब बेटी और बहू में बेटा का अक्श देखा जाता है, मुस्लिम लड़कियों को अलग-अलग भेजने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि उन्हें अच्छे संस्कार और परवरिश की जरुरत है।
मदनी के बयान पर बसपा नेता सुधीन्द्र भदौरिया ने कहा कि धार्मिक संस्थाओं का काम धर्म के पहलुओं को समझाना है और शिक्षा व्यवस्था हमारे लोगों की नीतियों से तय होती है, उनके द्वारा दिए गए विचारों से संचालित होती है। इन दोनों को एक दूसरे में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।
अरशद मदनी के बयान को लेकर यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है, ये लोग मुस्लिम तुष्टिकरण करते हैं। हमारे यहां बेटी और बेटा एक समान हैं। ऐसे लोगों को जनता माफ नहीं करेगी।
यूपी सरकार के मंत्री मोहसिन रजा ने भी मदनी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, सिर पर टोपी धारण कर लेने से कोई मौलाना नहीं हो जाता है। उन्होंने कहा अरशद मदनी और उनका संगठन देश विरोधी है और तालिबानी सोच रखने वाला है। रजा ने कहा, देश की बेटियां बहुत आगे जा चुकी हैं।
मोहसिन रजा ने कहा, शिक्षा पर रोक इनके मदरसों में लगानी चाहिए क्योंकि अधिकांश शिकायतें मदरसों से ही आती हैं। अगर ऐसे लोगों की बातों पर यकीन किया जाता तो सानिया मिर्जा इतनी बड़ी खिलाड़ी नहीं बनती। उन्होंने कहा महिलाएं सेना और राजनीति में अपना महत्वपूर्ण योगदान कर रही हैं। उन्होंने कहा ऐसा बयान देने वालों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। मोहसिन रजा ने कहा, ये लोग मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक की बेड़ियों में जकड़े रखना चाहते हैं। उनका बयान उनकी विचारधारा को प्रकट करता है, ऐसी विचारधारा वाले लोगों को पिछली सरकारों में संरक्षण मिला है।
मदनी के बयान की विश्व हिंदू परिषद ने निंदा की है। विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल- मदनी के बयान गैर मुसलमानों, महिलाओं व बच्चियों के प्रति अमानवीय सोच को दर्शाता है। पहले से ही इनका नारी व हिंदू विरोधी व्यवहार पूरी दुनिया देख रही है, ऐसे में ये गैर मुसलमानों को चेतावनी तो नहीं है? मुस्लिम समाज को अब तय करना होगा कि वह ऐसे सोच के लोगों को अपना आदर्श व नेता कब तक मानेंगे।