मंत्रालय का बड़ा फैसलाः अवार्ड के लिए खिलाड़ी अब फेडरेशन पर नहीं होंगे निर्भर

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खेल मंत्रालय ने राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों के लिये आवेदन जमा करने की तारीख 22 जून तक बढ़ा दी है । इसके साथ ही कोरोना वायरस महामारी के कारण लागू लॉकडाउन में प्रस्तावक मिलने में होने वाली कठिनाइयों के मद्देनजर खिलाड़ियों को स्वयं के नामांकन की अनुमति भी दे दी है ।
नामांकन प्रक्रिया पूरी करने का बुधवार को आखिरी दिन था लेकिन समय सीमा बढा दी गई। इसके साथ ही प्रक्रिया में भी रियायत दी गई है । मंत्रालय के एक सर्कुलर में कहा गया ,‘हमने पुरस्कार योजना में अधिकारियों या व्यक्तियों की अनुशंसा पर भेजे गए आवेदन ही जमा करने का नियम खत्म कर दिया है । फॉर्म में इस हिस्से को खाली छोड़ा जा सकता है ।’
मंत्रालय ने महामारी के कारण इस साल सिर्फ ईमेल से आवेदन मंगवाये थे । खेल पुरस्कार (Sports Awards) आवेदन के नियमों के तहत वे ही आवेदन मान्य होते हैं जिनके लिये राष्ट्रीय महासंघ, खेल बोर्ड या पूर्व पुरस्कार विजेताओं ने अनुशंसा की हो ।
खेल मंत्री किरण रिजिजू (Kiren Rijiju) ने बुधवार को बयान जारी करके कहा कि यह कदम खिलाड़ियों के लिये नामांकन प्रक्रिया सरल करने के लिये उठाया गया। उन्होंने कहा, ‘देश अभी विषम परिस्थितियों का सामना कर रहा है और राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों के नामांकन नियमों में बदलाव करना समय की जरूरत है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि खिलाड़ियों को किसी भी तरह से नुकसान नहीं हो।
रिजिजू ने कहा, ‘राष्ट्रीय स्तर के लॉकडाउन के कारण उनमें से अधिकतर के लिये संबंधित संस्था या व्यक्तियों से नामांकन के लिये अनुशंसा हासिल करना बहुत मुश्किल था। ’
अब रियायत के बाद वे खिलाड़ी भी आवेदन कर सकेंगे जिनके नाम राष्ट्रीय खेल महासंघ ने नहीं भेजे हैं और उन्हें पूर्व विजेताओं से समर्थन भी हासिल नहीं है । हर साल महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद के जन्मदिन पर 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर ये पुरस्कार दिये जाते हैं ।