मायावती ने कहा- विपक्षी दलों के लोगों पर राजनीतिक द्वेष से लगे मुकदमें वापस हों

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की मुजफ्फरनगर दंगे के आरोपियों के केस वापसी के मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है। प्रदेश सरकार मे मुकदमा वापसी को लेकर कोर्ट में गुहार लगाई है। अदालत इस पर अपना फैसला सुनाएगी। इस मामले को लेकर बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती के तवर सख्त हैं। उन्होंने कहा है कि उत्तर प्रदेश में भाजपा के लोगों के ऊपर राजनीतिक द्वेष की भावना से दर्ज मुकदमें वापस होने के साथ ही अन्य दलों के लोगों के ऊपर लगे मुकदमें भी वापस होने चाहिए।
गौरतलब है कि प्रदेश सरकार की तरफ से वकील राजीव शर्मा ने मुजफ्फरनगर की एक अदालत में आरोपियों के मुकदमें वापसी की अर्जी लगाई है। बतादें 7 सितंबर 2013 को नंगला मंदौड़ की महापंचायत के बाद मुकदमा दर्ज हुआ था जिस पर कोर्ट ने अभी तक अपना फैसला नहीं सुनाया है। तीन नेताओं पर भड़काई भाषण देने, धारा 144 का उल्लंघन, आगजनी, तोड़फोड़ का मुकदमा विभिन्ना धाराओं में दर्ज है।
मुजफ्फरनगर दंगे में 510 मुक़दमे दाखिल हुए थे। ये वही मुकदमें हैं, जिनमें मौजूदा बीजेपी विधायक संगीत सोम, कपिलदेव अग्रवाल और कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा समेत अन्य आरोपी हैं। 7 सितंबर 2013 को नगला मंदोर में जाटों की महापंचायत के बाद ही मुजफ्फरनगर समेत पश्चिम यूपी में दंगों की आग फैल गई थी, जिसमें 65 लोगों की मौत हो गई और 40 हजार से ज्यादा लोग बेघर हो गए थे।