मन की बातः स्वदेशी अपनाने की अपील, कश्मीरी केसर का किया जिक्र, सिख धर्मगुरुओं को किया याद

स्वामी विवेकानंद की जयंती पर आयोजित दूसरे राष्ट्रीय युवा महोत्सव के समापन समारोह को संबोधित करते हुए पीएम मोदी
साल के आखिरी मन की बात के जरिए पीए मोदी ने लोगों से स्वदेशी अपनाने की अपील की। अपने संबोधन में उन्होंने देश के उद्योगपतियों से देश के लिए बेहतरीन उत्पाद तैयार करने की अपील की। इस दौरान नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे पंजाब किसानों को रिझाने का भी प्रयास किया। उन्होंने अपने संबोधन के दौरान गुरु तेगबहादुर, गुरु गोविंद सिंह, उनकी पत्नी और साहिबजादों के बलिदानोंको याद किया।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन के दौरान वोकल फॉर लोकल की एक बार फिर वकालत की। उन्होंने कहा, आम जनता ने इस अभियान को मन से स्वीकार किया है। इस दौरान उन्होंने दिल्ली के झंडेवाला पार्क का उदाहरण देते हुए कहा, वहां पहले मंहगे और सस्ते आयतित खिलौने ही मिलते थे लेकिन अब वहां पर अपने देश में बने खिलौने बहुतायत बिकते हैं।
पीएम मोदी ने कहा साल भर के अन्दर लोगों ने बड़े बदलाव देखे हैं, लोगों की सोच में बदलाव आया है, उन्होंने कहा इस बदलाव और साल भर के भीरत पुख्ता करना होगा। पीएम मोदी ने वैश्विक बाजार में देश के बेहतरीन उत्पादों की उपलब्धता का उदाहरण दिया। इस दौरान उन्होंने कश्मीरी केसर की गुणवत्ता का जिक्र करते हुए कहा कि विश्व में इसकी एक अलग पहचान है।
अपने संबोधन के दौरान उन्होंने केसर खरीदने वाले देशों से भी केसर खरीदने की अपील की। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने लॉकडाउन के दौरान बच्चों को पढ़ाने के लिए अनोखा रास्ता अपनाने वाली शिक्षिका हेमलता एन के का भी उल्लेख किया। इस दौरान पीएम मोदी ने तेंदूओं की संख्या बढ़ने का जिक्र किया।