लॉकडाउनः यूपी सरकार का बड़ा फैसला, सफर पर लगाया बैन, जो जहां है वहीं होगा पूरा इंतजाम

लॉकडाउन के दौरान उत्तर प्रदेश में सफर करने को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने लॉकडाउन के दौरान किसी भी तरफ पर पूर्णतया रोक लगा दी है। इस पाबंदी के बाज दिल्ली, हरियाणा, पंजाब या देश कि किसी भी हिस्से से लोगों को अपने घर वापसी पर पाबंदी लगा दी गई है। इसके अलावा सरकार ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि जो जहां हैं उन्हें वहीं पर सारी सुविधा उपलब्ध कराई जाए। जिसमे खाना-पानी और रहने की का सारा इंतजाम वहीं पर किया जाए।
हजारों की संख्या में मजदूर कर रहे पलायन
लॉकडाउन के बाद दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, नोएडा और देश के अन्य हिस्सों से कामगार काम न मिलने और रोटी के संकट को देखते हुए हजारों की संख्या में अपने घरों की तरफ पैदल ही रुख कर लिया है। इस दौरान नोएडा और ग्रेटर नोएडा में हजारों मजदूर डेरा डाले पड़े हैं। अब इन लोगों के रहने, खान और पीने के पानी के साथ स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं।
मजदूरों के लिए जेपी स्पोर्ट्स सिटी का अधिग्रहण
इन मजदूरों के लिए जेपी स्पोर्ट्स सिटी का अधिग्रहण किया गया है। जेपी स्पोर्ट्स सिटी में बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट है और वहां आवासीय सुविधाएं उपलब्ध हैं। अब वहां जिला प्रशासन शेल्टर होम का निर्माण कर रहा है, जिसमें निराश्रित लोगों को ठहराया जाएगा।
आश्रय स्थल बनाने के लिए 20 इमारतों का हुआ चयन
इस बाबत गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी बीएन सिंह ने कहा, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस वे क्षेत्रों में लोगों को स्वास्थ्य सेवा और आश्रय प्रदान करने के लिए अतिरिक्त सुविधाएं बनाने के लिए यह निर्णय लिया गया है। बौद्ध सर्किट जेपी स्पोर्ट्स सिटी का एक हिस्सा है। इसके अलावा, प्रशासन ने कम से कम 20 ऐसी इमारतों की पहचान की है जिन्हें अपने गृहनगर तक पैदल चलने के कारण दिल्ली-एनसीआर छोड़ने वाले लोगों के घरों में बदल दिया जाएगा।
इसलिए सरकार श्रमिकों को आश्रय में रखना चाहती है
अधिकारियों का कहना है कि उत्तर प्रदेश सरकार नहीं चाहती कि पलायन करने वाले मजदूर इस स्थिति में अपने घरों तक पहुंचे और वहां पर कोरोना संक्रमण फैल जाए। उन्होंने कहा अगर ऐसा होता है तो हजारों की संख्या में लोग संक्रमित होंगे। इसलिए सरकार उन्हें आश्रय में रखना चाहती है।