किसान संवादः बोले पीएम मोदी- पश्चिम बंगाल के 70 लाख किसानों को पैसा ममता सरकार ने रोक रखा है

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की जयंती पर आयोजित किसान संवाद कार्यक्रम में पीएम ने देश के नौ करोड़ किसानों के खाते में 18 हजार करोड़ ‘किसान सम्मान निधि’ हस्तांतरित की। इस दौरान पीएम मोदी ने छह राज्यों के किसानों से संवाद किया, उनसे सवाल भी किए। अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल की ममता सरकार को आड़े हाथों लिया। किसान संवाद के दौरान पीएम मोदी ने नए कृषि कानून को लेकर विपक्ष के रवैये पर भी कड़ी टिप्पणी की।
पीएम मोदी ने संवाद के दौरान अरुणाचल के किसान से सवाल किया- उन्होंने पूछा प्राइवेट कंपनी सिर्फ आपकी फसल खरीदी या जमीन भी ले ली? उन्होंने कहा, उत्पाद लेने का एग्रीमेंट हुआ है, जमीन का नहीं। जमीन सुरक्षित है। अपने संवाद के दौरान पीएम मोदी ने नए कृषि कानूनों के तमाम फायदे किसानों को बताए।
अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने ममता बनर्जी को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, ममता सरकार की हठधर्मिता के कारण किसानों को इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा अब तक पीएम निधि के तहत एक लाख किसानों 10 हजार करोड़ से ज्यादा की रकम सीधे किसानों के खातों में पहुंच चुकी हैं। अब न कोई कमीशन है ना कोई कट है।
पीएम मोदी ने कहा- मुझे आज इस बात का अफसोस है कि पश्चिम बंगाल के 70 लाख से ज्यादा किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पाया है। बंगाल के 23 लाख से अधिक किसान इस योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर चुके हैं लेकिन राज्य सरकार ने वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को लंबे समय से रोक रखा है।
पीएम मोदी ने कहा, जो दल पश्चिम बंगाल में किसानों के अहित पर कुछ नहीं बोलते वो दिल्ली में आकर किसान की बात करते हैं। इन दलों को आजकल APMC- मंडियों की याद बहुत आती है। लेकिन ये दल बार-बार ये भूल जाते हैं कि केरला में APMC मंडियां हैं या नहीं।
PM ने कहा, ‘बेहद उदास मन से यह कह रहा हूं, अगर आप 15 साल पुराने ममता जी के भाषणों को सुनेंगे, तो आप जानेंगे, कैसे मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी – CPM सरकारों ने बंगाल को तीन दशकों तक घुटनों पर लाए रखा, लेकिन यही लोग किसानों को PM निधि का लाभ दिलाने के लिए कोई अभियान नहीं चलाते।
ऐसे ही लोग पंजाब में हैं। तृणमूल किसानों की मदद नहीं करेगी, लेकिन पंजाब, दिल्ली में अपने राजनैतिक प्रतिद्वंद्वियों से भी गठजोड़ कर लेंगे। ये पार्टियां, जो किसानों के बारे में कुछ नहीं बोलतीं, दिल्ली में राजनीति के लिए किसानों को इस्तेमाल करती हैं।
अपने संवाद के दौरान पीएम मोदी ने पूर्व पीएम अटल बिहारी बाजपेयी को याद किया। उन्होंने कहा, पहले जब रुपया चलता था तो धीरे-धीरे लोगों की जेबों में चला जाता था। लेकिन अब जो रुपया दिल्ली से चलता है किसी के हाथ नहीं लगता है वह सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुंचता है। किसान योजना निधि इसका बेहतरीन उदाहरण है।