किसान आंदोलनः समस्या समाधान का नौंवा प्रयास भी विफल, कृषि मंत्री का कांग्रेस पर बड़ा आरोप

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किसान संगठन अपनी मांगो पर अड़े
नई समिति से बात करने से इनकार
लचीला रुख अपनाएं किसानः कृषि मंत्री
कृषि मंत्री ने कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप
केन्द्र सरकार के नए कृषि कानूनों के विरोध में किसान प्रदर्शन कर रहे हैं और ये प्रदर्शन फिलहाल जारी रहेगा। किसान नए कृषि कानूनों की वापसी की मांग के साथ एमएसपी की गारंटी पर अड़े हैं तो सरकार ने भी साफ कर दिया है कि कृषि कानून वापस नहीं होंगे इसमें आपकी मर्जी के हिसाब से संशोधन किया जा सकता है। इस बीच सरकार और किसानों के बीच गतिरोध के समाधान का नौवां प्रयास भी विफल हो गया। अब समस्या समाधान का 10वां दौर 19 जनवरी चलेगा। नौवें दौर की वार्ता की विफलता के बाद केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कांग्रेस को लेकर बड़ा बयान दिया है।
राजधानी दिल्ली की सीमा पर हजारों किसान प्रदर्शन कर नए कृषि कानूनों के खिलाफ अपना विरोध जता रहे हैं। नौवें चरण की वार्ता के बाद कृषि मंत्री तोमर ने कहा, वह ठंड में प्रदर्शन कर रहे किसानों को लेकर बेहद चिंतित हैं। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर किसानों से लचीला रुख अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा किसान संगठनों और सरकार के मध्य 19 जनवरी को अगली वार्ता होगी।
दूसरी तरफ बैठक में हिस्सा ले रहे 40 किसान संगठनों ने सरकार की तरफ से पेश किए गए किसी भी प्रस्ताव को मानने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि कृषि कानूनों की वापसी और एमएसपी की गारंटी पर कोई वार्ता आगे बढ़ सकती है। इसके अलावा किसान संगठनों ने साफ कर दिया है कि वह सुप्रीम कोर्ट की कमेटी के सामने पेश नहीं होंगे, वह केवल केन्द्र सरकार के सामने ही अपना पक्ष रखेंगे।
किसान संगठनों के साथ नौवें दौर की वार्ता की विफलता के बाद कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा, वार्ता में कोई समाधान नहीं निकला है, हम 19 जनवरी को दोबारा मिलेंगे। हम बातचीत के जरिए समाधान का रास्ता निकालेंगे। इस दौरान तोमर ने कांग्रेस के रवैये पर सवाल खड़ा किया और उन पर गंभीर आरोप भी लगाए। तोमर ने कहा, सरकार अपना पक्ष सुप्रीम कोर्ट की तरफ से गठित कमेटी के सामने रखेंगे।
तोमर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा, कांग्रेस पार्टी ही राहुल के बयानों को लेकर हंसी उड़ाती है, उनका मजाक बनाती है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, कांग्रेस के 2019 के चुनावी घोषणा पत्र में भी इस बात का जिक्र किया गया है। मै याद दिलाना चाहता हूं कि उनके2019 के घोषणा पत्र वह इस बदलाव को लेकर आएंगे। अगर उन्हें ये बातें याद नहीं तो 2019 का घोषणा पत्र उन्हें पड़ाना चाहिए।
तोमर ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा, अगर कांग्रेस के घोषणा पत्र में इस बात का जिक्र मिला तो सोनिया गांधी और राहुल गांधी को मीडिया के सामने आना होगा। उन्हें यह बताना होगा कि वह तब झूठ बोल रहे थे या उन्होंने अब झूठ बोलना शुरु किया है।