अमेरिका का राष्ट्रपति बनते ही जो बाइडन ने पलटे ट्रंप के आठ फैसले, पेरिस जलवायु समझौते में अमेरिका फिर शामिल

अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति की बागडोर संभालते ही जो बाइडन एक्शन में आ गए। ऑफिस के अपने पहले ही दिन ही उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आठ फैसलों को पलट दिया। बाइडन ने जलवायु परिवर्तन के लिए दुनिया भर में काम करने वाली अंतरराष्ट्रीय पेरिस जलवायु समझौत में अमेरिका की दोबारा इंट्री को अपनी मंजूरी दे दी।
रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति जो बाइडन ने बुधवार को पेरिस जलवायु समझऔते में अमेरिका को फिर से शामिल करने के लिए एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं। उनका कहना है कि हम एक तरह से जलवायु परिवर्तन से मुकाबला करने जा रहे हैं जिसे अबतक नहीं किया गया।
इसके अलावा अमेरिका राष्ट्रपति के पद पर बैठते ही जो बाइडन में पूर्व राष्ट्रपति के आठ फैसलों को पलट दिया। जिन फैसलों को बाइडन ने पलटा है उनके मे हैं
-कोरोना महामारी को कंट्रोल करने के लिए फैसला
-आम लोगों को बड़े स्तर पर आर्थिक मदद देने का ऐलान
-पेरिस क्लाइमेट चेंज के मसले पर अमेरिका की वापसी
-नस्लभेद को खत्म करने की ओर कदम
-बॉर्डर पर दीवार बनाने के फैसले को रोका, फंडिंग भी रोक दी
-विश्व स्वास्थ्य संगठन से हटने के फैसले को रोका
-ट्रंप प्रशासन द्वारा जिन मुस्लिम देशों में बैन लगाया था, उसे वापस लिया
-स्टूडेंट लोन की किस्त वापसी को सितंबर तक टाला गया
पेरिस जलवायु समझौता ग्लोबल वार्मिंग को सीमित करने के लिए 2015 में साइन किए गए ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय समझौते में से एक है। पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप के प्रशासन में संयुक्त राज्य अमेरिका ने पिछले साल के अंत में समझौते को छोड़ दिया था। फिलहाल राष्ट्रपति जो बाइडन की घोषणाओं में जलवायु परिवर्तन सुरक्षा को कमजोर करने वाले पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यों की समीक्षा करने के लिए एक व्यापक आदेश भी शामिल किया जाएगा।
फ्रांस की राजधानी पेरिस में 12 दिसंबर 2015 को 196 देशों के प्रतिनिधियों ने पेरिस जलवायु समझौते को अपनाया था। जिसके तकरीबन एक साल बाद 3 नवंबर 2016 को संयुक्त राज्य अमेरिका ने राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रशासन के दौरान पेरिस समझौते को स्वीकार किया गया था। राष्ट्रपति ट्रंप के प्रशासन की ओर से अगस्त 2017 में औपचारिक रूप से इस समझौते से बाहर होने की बात कही गई थी।
बता दें कि बाइडन ने संयुक्त राज्य अमेरिका को 2050 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन पर लाने का वादा किया है। वहीं, वैज्ञानिकों का कहना है कि जीवाश्म ईंधन का बड़े पैमाने पर उपयोग करके और ग्लोबल वार्मिंग के सबसे विनाशकारी प्रभावों से बचने के लिए आवश्यक है।
जोसेफ आर बाइडेन जूनियर यानी जो बाइडन बुधवार रात अमेरिकी इतिहास के सबसे उम्रदराज राष्ट्रपति बन गए। वे 78 साल के हैं। उन्होंने 128 साल पुरानी बाइबिल पर हाथ रखकर शपथ ली और अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति बन गए। उन्होंने 22 मिनट में 2381 शब्दों का भाषण दिया। 12 बार डेमोक्रेसी, 9 बार यूनिटी, 5 बार असहमति और 3 बार डर शब्द का इस्तेमाल किया। वहीं, कमला देवी हैरिस ने भी उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली। 56 साल की कमला हैरिस पहली महिला, अश्वेत और भारतवंशी उपराष्ट्रपति हैं।