चीन को एक और झटका देगा भारत- HUAWEI और ZTE को ब्लैकलिस्ट करने के तैयारी

भारत और चीन के जारी विवाद के बीच भारत ने चीनी उत्पादों पर तमाम तरह के प्रतिबंध लगाए हैं। अब एक बार फिर केन्द्र चीन को बड़ा झटका देने की तैयारी में है। बुधवार को भारत ने एक बड़ा फैसला लेते हुए देश की सुरक्षा के लिहाज टेलाकॉम उपकरण सप्लाई करने वाली कंपनियों की एक सूची तैयार करेगी। इन्ही से भारत की टेलीकॉम कंपनियां उपकरण खरीदेंगी। सरकार के इस निर्णय को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि सरकार चीनी कंपनी HUAWEI और ZTE को ब्लैकलिस्ट करने के तैयारी कर ली है।
केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पत्रकारों के सवाल के जवाब देते हुए कहा, कैबिनेट की सुरक्षा समिति ने दूरसंचार क्षेत्र में सुरक्षा को बढ़ावा देने का फैसला लिया है। हालांकि उन्होंने चीन से जुड़े किसी भी सवाल का जवाब देने के इनकार कर दिया।
बतादें, मई में भारत और चीन के बीच सीमा विवाद शुरू हुआ था। विवाद के गहराते ही भारत सरकार चीन द्वारा निर्मित दूरसंचार उपकरणों के उपयोग पर पैनी नजर रखने लगी। दरअसल सरकार की ओर से ये सतर्कता संवेदनशील डेटा की चोरी को रोकने के लिए की गई है।
हालांकि भारत की तरफ से किसी भी देश के साथ इस प्रकार का व्यहार नहीं किया गया। लेकिन सीमा विवाद के बाद चीन के अड़ियल रवैये और लगातार सीमा पर की जाने की हरकतों से नाराज भारत ने चीन के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। इसी का नतीजा है कि केन्द्र सरकार ने 5जी तकनीक के विकास के लिए चीन की प्रमुख कंपनी Huawei और ZTE को बाहर रखा।
बता दें, लद्दाख में चीन से हुए सीमा विवाद के बाद से सरकार चीन के 43 मोबाइल ऐप पर प्रतिबंध लगाया था। जून में भी चीन के 59 ऐप पर प्रतिबंध लगा चुका है। सितंबर में सरकार ने चीन के 118 ऐप पर प्रतिबंध लगाया था। जिसमें पब्जी मोबाइल, वीचैट वर्क जैसे ऐप शामिल थे।