भारतः 30 दिन में नहीं संभाला गया तो भयानक होगा कोरोना की तीसरा स्टेज

कोरोना वायरस से भारत में अब तक 80 से ज्यादा मरीज मिले हैं। जिस स्तर पर भारत में कोरोना वायरस फैला हुआ है, वह इस बीमारी का सेकंड स्टेज यानी दूसरा स्तर है। भारत अगर अगले 30 दिनों में इस बीमारी को रोकने में कामयाब नहीं हुआ तो यह थर्ड स्टेज यानी तीसरे स्टेज में पहुंच जाएगा। देश के एक बड़े डॉक्टर और वैज्ञानिक डॉ बलराम भार्गव ये खुलासा किया है।
दूसरे स्टेज का कोरोना वायरस यानी अभी तक उन्हीं लोगों में कोरोना वायरस मिला है जो किसी कोरोना संक्रमित देश से घूमकर आए हैं। यानी अभी यह बीमारी स्थानीय स्तर पर एक इंसान से दूसरे इंसान में नहीं फैला है।
थर्ड स्टेज यानी तीसरे स्तर पर यह बीमारी भारत के अंदर मौजूद संक्रमित लोगों से यहीं के दूसरे लोगों में फैलने लगेगी। यह जानकारी टाइम्स ऑफ इंडिया अखबार को इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के महानिदेशक डॉ। बलराम भार्गव ने दी
डॉ। बलराम भार्गव ने बताया कि सरकार का प्रयास है कि वह इस बीमारी को दूसरे स्टेज पर ही रोक दे। या फिर तीसरे स्टेज के आने के समय को थोड़ा और बढ़ा सके। भारत सरकार के पास अभी तीसरे स्टेज से लड़ने और उसे रोकने के लिए 30 दिन का समय बाकी है
डॉ। बलराम भार्गव ने बताया कि अभी तक यह बीमारी भारत में सामुदायिक तौर पर नहीं फैल रही है। अगर ऐसा हुआ तो दिक्कत हो जाएगी। यही समय है कि पूरा देश और सारी जनता एकसाथ आकर इस बीमारी से लड़ने के समय है
वायरस के संक्रमण के तीसरे स्टेज में यह लोगों के बीच तेजी से फैलने लगता है। इसके बाद चौथ स्टेज आता है। जब बीमारी महामारी का रूप ले लेती है। फिर इस पर काबू पाना मुश्किल हो जाता है। जब तक इस पर कंट्रोल किया जाता है तब तक लाखों लोग शिकार हो चुके होते हैं।
चीन और इटली में कोविड 19 यानी कोरोना वायरस अपने छठें चरण पर है। जहां एक दिन में सैकड़ों लोगों की मौत हो रही है। डॉ। बलराम भार्गव ने बताया कि भारत सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। कोविड 19 यानी कोरोना वायरस के लक्षणों की जांच चल रही है। देश में ICMR के 106 वायरस रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक प्रयोगशालाएं हैं। जहां, वायरस का अध्ययन किया जाता है। कोरोना पर भी इन प्रयोगशालाओं पर अध्ययन जारी है।
डॉ। बलराम भार्गव ने बताया कि हमारी 106 प्रयोगशालाओं में से 51 लैब्स में सिर्फ कोरोना की जांच की जा रही है। हमारे 51 लैब्स में 4590 सैंपल्स के जांच की क्षमता है। अभी हमें सिर्फ 60 से 70 सैंपल्स ही जांच के लिए मिल रहे हैं।
देश में अभी तक 6500 कोरोना सैंपल्स की जांच की गई है। इनमें से सिर्फ 78 यानी 1।4 फीसदी में ही कोरोना का संक्रमण मिला है। देश में चीन, ईरान और इटली से आए करीब 1000 लोगों की जांच की है