भारत-चीन सीमा विवादः चीन ने माना गलवान घाटी में मारे गए थे हमारे भी सैनिक, लेकिन संख्या पर फिर बोला झूठ

बीते साल 5 मई 2020 को गलवान घाटी में भारत और चीनी सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़क के दौरान भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए थे। इस झड़प में चीनी सेना के भी 45 से ज्यादा सैनिकों की मौत हुई थी। लेकिन उस दौरान चीन ने अपने सैनिकों के मारे जाने की संख्या का खुलासा नहीं किया था।
अब चीन ने माना है कि गलवान घाटी में उसके भी चार सैनिकों की मौत हुई है। हालांकि रूस और अमेरिका की खूफिया एजेंसियों ने दावा किया था कि चीन के 45 से ज्यादा सैनिक मारे गए थे। यानि की चीन अब भी अपने मारे गए सैनिकों की संख्या छिपा रहा है।
जानकारी के मुताबिक चीन ने अब जाकर कहा है कि गलवान में भारतीय सेना के साथ झड़प में उसके 4 सैनिक मारे गए थे। चीन के सेंट्रल मिलिट्री कमीशन ने शुक्रवार को उन्हे फ़र्स्ट क्लास मेरिट साइटेशन और मानद उपाधि से नवाज़ा है।
बता दें कि चेन होंगजुन को नायक (HERO) की मानद उपाधि दी गई है जबक‍ि तीन अन्य सैनिक चेन जियानगॉन्ग, जिओ सियुआन और वांग ज़ुओरन को फ़र्स्ट क्लास मेरिट साइटेशन दिया गया है।
जवानों का नेतृत्व करने वाले एक कर्नल क्यूई फेबाओ जो झड़प के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गए “नायक कर्नल” ( HERO COL) की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया था।
बता दें, पूर्वी लद्दाख में स्थिति तब खराब हुई जब पिछले साल बीते पांच मई को पेगोंग झील क्षेत्र में भारत और चीन के लगभग 250 सैनिकों के बीच लोहे की छड़ों और लाठी-डंडों से झड़प हो गई। दोनों ओर से पथराव भी हुआ था, जिसमें दोनों देशों के सैनिक घायल हुए थे। यह घटना अगले दिन भी जारी रही थी।
इसके बाद दोनों पक्ष ‘अलग’ हुए, लेकिन गतिरोध जारी रहा। इसी तरह की एक अन्य घटना में नौ मई को सिक्किम सेक्टर में नाकू ला दर्रे के पास दोनों देशों के लगभग 150 सैनिकों के बीच झड़प हो गई थी। इस घटना में दोनों पक्षों के कम से कम 10 सैनिक घायल हुए थे।