IND vs ENG TEST: भारत ने दो दिनों में ही तोड़ा अंग्रेजों का घमंड, 10 विकेट से हारा इंग्लैंड, पिच का रोना शुरु

मेजबान भारत ने तीसरे टेस्ट में इंग्लैंड पर 10 विकेट से शानदार जीत दर्ज की। नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में खेला गया यह मैच महज 2 दिन में खत्म हो गया। भारत ने इस जीत के साथ ही 4 मैचों की टेस्ट सीरीज में 2-1 की बढ़त ले ली है। अहमदाबाद के नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इस मैच में कम से कम 10 ऐसे रिकॉर्ड बने। इशांत शर्मा, रविचंद्रन अश्विन, अक्षर पटेल, विराट कोहली, जो रूट जैसे क्रिकेटरों ने अपने करियर में कई उपलब्धियां अपने नाम कीं।
रविचंद्रन अश्विन ने इस मैच में कुल 7 विकेट लिए। उन्होंने पहली पारी में 3 और दूसरी पारी में 4 विकेट झटके। इसके साथ ही उन्होंने अपने टेस्ट करियर में 400 विकेट का आंकड़ा पार कर लिया। जोफ्रा आर्चर को अपना 400वां शिकार बनाया। अश्विन अब टेस्ट मैच में 401 विकेट ले चुके हैं। वे भारत के चौथे सबसे कामयाब गेंदबाज हैं। भारतीय गेंदबाजों में सिर्फ अनिल कुंबले (619), कपिल देव (434) और हरभजन सिंह (414) ही अश्विन से ज्यादा टेस्ट विकेट ले सके हैं।
इशांत शर्मा ने करियर के 100 टेस्ट मैच पूरे कर लिए हैं। उनके 100वें टेस्ट का गवाह नरेन्द्र मोदी स्टेडियम बना। उन्होंने इस मैच में एक विकेट लिया और एक छक्का भी लगाया। इशांत अब 100 टेस्ट में 303 विकेट ले चुके हैं। भारतीय तेज गेंदबाजों में सिर्फ कपिल देव ही ऐसे हैं, जिन्होंने 100 से ज्यादा टेस्ट मैच खेले हैं। इशांत ने अपने इंटरनेशनल करियर का पहला छक्का भी इसी मैच में लगाया।
अक्षर पटेल के लिए भी यह मैच बेहद यादगार रहा। उन्होंने इस टेस्ट की पहली पारी में 6 और दूसरी पारी में 5 विकेट झटके। इस तरह उनके नाम कुल 11 विकेट दर्ज हुए। बाएं हाथ के इस स्पिनर ने चेन्नई टेस्ट की दूसरी पारी में भी 5 विकेट झटके थे। इस तरह उन्होंने लगातार तीन पारियों में 5 या इससे अधिक विकेट झटक लिए हैं। अक्षर ने दूसरी पारी में गेंदबाजी की शुरुआत की और पहली ही गेंद पर विकेट लिया।
यह मैच विराट कोहली के लिए भी यादगार हो गया है। यह विराट कोहली की कप्तानी में भारतीय टीम की अपने घर पर 22वीं जीत है। कोहली ने इसके साथ ही घर में सबसे ज्यादा टेस्ट जीतने के मामले में महेंद्र सिंह धोनी को पीछे छोड़ दिया है। भारत ने धोनी की कप्तानी में घर पर 21 टेस्ट मैच जीते हैं।
इंग्लैंड की टीम अपनी दूसरी पारी में 81 रन पर आउट हो गई। यह भारत के खिलाफ उसका सबसे छोटा स्कोर है। वह चेन्नई में 134 व 164 और अहमदाबाद में 112 और 81 रन ही बना सकी। इस मैच से पहले इंग्लैंड का भारत के खिलाफ न्यूनतम स्कोर 101 रन था, जो उसने 1971 में ओवल में बनाया था।
भारत ने इंग्लैंड की टीम को 10 विकेट से हराया। यह इंग्लैंड पर विकेट के लिहाज से भारत की सबसे बड़ी जीत है। टेस्ट इतिहास की बात करें तो भारत ने नौवीं बार 10 विकेट से टेस्ट मैच जीता है।
इंग्लैंड के कप्तान जो रूट दुनिया में अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। लेकिन उन्होंने इस मैच में बतौर गेंदबाज गजब का प्रदर्शन किया। जो रूट ने इस मैच में भारत की पहली पारी में 5 विकेट झटके। यह उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
रोहित शर्मा वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में सबसे अधिक रन बनाने वाले ओपनर बन गए हैं। उन्होंने 10 मैचों में 981 रन बना लिए हैं। उन्होंने डेविड वॉर्नर (961) को पीछे छोड़ा। चैंपियनिशप में ओवरऑल सबसे अधिक रन बनाने के मामले में रोहित छठे नंबर पर हैं। ऑस्ट्रेलिया के मार्नस लैबुशेन 1675 रन बनाकर पहले नंबर पर हैं।
जसप्रीत बुमराह के लिए यह मैच ज्यादा यादगार नहीं कहा जाएगा। वे 5 साल के इंटरनेशनल करियर में पहली बार अपने होमग्राउंड पर खेल रहे थे। उनके प्रशंसकों को उम्मीद रही होगी कि वे विकेट झटककर इस मैच को यादगार बनाएंगे। हालांकि, बुमराह ऐसा नहीं कर सके। उन्हें मैच में एक भी विकेट नहीं मिला। हालांकि, उन्हें इस बात की खुशी रहेगी कि भारत ने यह मैच बड़ी आसानी से जीत लिया। बुमराह का यह 136वां मैच था।