कोरोना के कहर से दहशतः धीरे-धीरे लॉकडाउन की ओर बढ़ता देश

लॉकडाउन- राजस्थान के बाद दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड, झारखंड, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, मिजोरम, नागालैंड, गोवा इनके अलावा केन्द्र शासित प्रदेश चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख…270 जिले पूरी तरह से बंद
कोरोना के कहर से पूरा विश्व कराह रहा है। हर तरफ त्राहि-त्राहि मची है। दुनिया भर के देश कोरोना की काट में दिन रात एक किए हुए हैं। उधर चीन में दो दिनों के बाद एक बार फिर कोरोना संक्रमित 46 लोगों के मिलने से लोगों मे डर का माहौल पैदा हो गया है। इधर भारत में भी अब कोरोना संक्रमित लोगों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। यहां कोरोना संक्रमित पीड़ितों की संख्या चार सौ के पास पहुंच गई है और मरने वालों का आंकड़ा 8 पहुंच गया है। भारत में तेजी से पांव पसार रहे कोरोना से जंग के लिए पीएम मोदी ने जनता कर्फ्यू की घोषणा की थी जो सफल रही। मकसद यही था कि कोरोना संक्रमण के तार को तोड़ा जाए। इस सफलता के बाद भारत के कई राज्यों ने लॉकडाउन की घोषणा कर दी है। देश के 270 से अधिक जिलों को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।
…और भारत बढ़ रहा लॉकडाउन की तरफ
कोरोना के लगातार बढ़ते संक्रमण के बीच भारत लॉकडाउन की तरफ धीरे-धीरे बढ़ना शुरु हो गया है। दिल्ली, उत्तराखंड, बिहार, पंजाब, राजस्थान समेत 14 राज्यों व केन्द्र शासित प्रदेशों को पूरी तरह से लॉकडाउन कर दिया गया है। इसी के साथ उत्तर प्रदेश के 16 जिलों समेत 270 जिलों को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। ऐसा देश में पहली बार हो रहा है कि देश की सभी यात्री ट्रेने 10 दिनों तक के लिए रोक दी गई हैं।
सभी यात्री ट्रेने 10 दनों तक निरस्त
सरकार की घोषणा के बाद भारतीय रेलवे ने अपनी सभी यात्री सेवाओं को 10 दिनों तक के लिए रोक दिया है। इसके पीछे सरकार की नेक मंशा है लेकिन कोरोना वायरस की दहशत लोगों में इस कदर भर गई है कि लोग अपने घरों को जल्द से जल्द पहुंचाना चाहते हैं लेकिन उन्हे दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ये वो लोग हैं जो दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। काम बंद हो जाने के बाद इनके पास कमाई का जरिया नहीं बचा है। हालांकि सरकारों ने मजदूरों के खाते में पैसे भेजने की बात कही है।
मुंबई की लाइफ लाइन बंद
बता दें, मुंबई की लाइफ लाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेनों को भी 31 मार्च तक के लिए बंद कर दिया गया है। इसके अलावा लखनऊ, कोलकाता, दिल्ली और नोएडा मेट्रो समेत सभी राज्यों की अन्तरराज्यीय बस सेवाओं को भी बंद कर दिया गया है।
पीएम मोदी का संदेश- ये अंतिम लड़ाई नहीं, बहुत जरूरी हो तभी घर से निकलें
जनता कर्फ्यू को मिले अपार समर्थन के बाद पीएम मोदी ने देशवासियों का धन्यवाद किया। पीएम मोदी ने अपने संदेश में इस बात को भी साफ कर दिया कि आपके समर्थन से कोरोना के खिलाफ हमने पहली लड़ाई तो जीत ली लेकिन यह आखिरी जीत नहीं है। इसका मतलब ये नहीं की आप सेलिब्रेट करना शुरु कर दें। उन्होंने साफ किया कि ऐसे ही जनता कर्फ्यू आने वाले दिनों में और हो सकते हैं। मतलब साफ है कि देश अब उस स्थिति में पहुंच रहा है जब इसे पूरी तरह से लॉकडाउन कर दिया जाएगा। प्रतिपल बदल रहे हालात तो इसी तरफ इशारा कर रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा, जब तक बहुत जरुरी न हो अपने घरों से बाहर न निकलें।
इन राज्यों में लॉकडाउन
इस बीच राजस्थान, दिल्ली, बिहार, पंजाब, तेलंगाना, उत्तराखंड, गोवा, आंध्र प्रदेश, नागालैंड, झारखंड, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और चंडीगढ़ में 31 मार्च तक लॉकडाउन पर हैं। पश्चिम बंगाल 27 मार्च तक, उत्तर प्रदेश 25 मार्च तक, मिजोरम 29 मार्च तक और नागालैंड में बेमियादी बंदी घोषित कर चुका है।
यहां आंशिक बंदी
इसके अलावा मध्य प्रदेश, हरियाणा, छत्तीसगढ़ भी आशिंक तौर पर बंद रहेंगे। निरस्त ट्रेनों में बुकिंग कराए यात्री अपना रिफंड 21 जून तक ले सकते हैं। लॉकडाउन के दौरान जरूरी सामानों की किल्लत न होने पाए इसलिए माल वाहक गाड़ियां चलती रहेंगी।
उत्तर प्रदेश के 16 जिले लॉकडाउन
उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने रविवार को प्रदेश के 15 राज्यों को लॉकडाउन घोषित कर दिया। सीएम योगी ने प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जिन जिलों को लॉकडाउन किया गया है वहां स्थिति बिगड़ने न पाए। किसी को जरुरी सामानों की किल्लत न होने पाए। इसके अलावा कानून व्यवस्था भी इस दौरान दुरुस्त रहनी चाहिए। जिन जिलों को लॉक डाउन किया गया है उनमें लखनऊ, आगरा, पीलीभीत, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, मुरादाबाद, वाराणसी, लखीमपुर, खीरी, बरेली, आजमगढ़, कानपुर, अलीगढ़, गोरखपुर और सहारनपुर शामिल हैं।