हाई प्रोटीन के साइड इफेक्ट्सः आपके स्वास्थ्य के लिए ये जानना जरुरी है…

प्रोटीन हमारे शरीर के डैमेज पार्ट को रिकवर करने का काम करता है। ये दिमाग के हाइपोथैलेमस के लिए भी अच्छा होता है, जो हमारी ब्रेन मेमोरी को शार्प बनाने का काम करता है। लेकिन रेगुलर हाई प्रोटीन डाइट के कुछ नुकसान भी होते हैं। इसलिए प्रोटीन डाइट लेने वालों को पता होना चाहिए कि आपकी बॉडी को रोजाना प्रोटीन की कितनी मात्रा की जरूरत होती है।

हाई प्रोटीन डाइट हमारे शरीर के लिए कितनी नुकसानदायी हो सकती है…

बोन डिसॉर्डर- बोन डिसॉर्डर हड्डियों से जुड़ा एक रोग है। 2013 में लॉनिस डेलीमैरिस की स्टडी बताती है कि हाई प्रोटीन डाइट का अत्यधिक सेवन हड्डियों के लिए खतरनाक हो सकता है। मांस या न्यूट्रिशनल सप्लीमेंट से प्रोटीन लेने वालों को तो और भी ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। दरअसल हाई प्रोटीन डाइट शरीर में जेनरेट हुआ एसिड ‘लॉस ऑफ कैल्शियम’ की समस्या पैदा करता है। ये हमारी हड्डियों के लिए खतरनाक हो सकता है। इसमें बताया गया है कि रेड मीट की बजाए हरी सब्जियों से मिलने वाले प्रोटीन से हड्डियां कमजोर पड़ने का खतरा कम रहता है और फ्रैक्चर की समस्या भी नहीं होती है।
दिल की बीमारियां– जानवरों से मिलने वाला प्रोटीन कोरोनरी हार्ट डिसीज (सीएचडी) का जोखिम बढ़ाता है। यानी ये कार्डियोवस्क्युलर डिसीज की समस्या पैदा कर सकता है। हालांकि फिश, पोल्ट्री और लो फैट डायट्री प्रोडक्ट्स से इसकी संभावना कम रहती है।
कैंसर- रेड मीट को हाई प्रोटीन डाइट का मुख्य स्रोत माना जाता है। कुछ शोधकर्ताओं का कहना है कि रेड मीट खाने से कोलोरेक्टल कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। पुरुषों में ये समस्या ज्यादा देखी जाती है। प्रोसेस्ड मीट का सेवन करने वालों को भी सावधान रहने की जरूरत है। स्टडी में बताया गया है कि हाई प्रोटीन डाइट कम समय के लिए ही मांसपेशियों को फायदा देती है, अंतत: इसके नुकसान ही होते हैं।
डीहाइड्रेशन- साल 2002 में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक, शरीर में प्रोटीन की मात्रा बढ़ने से हाइड्रेशन लेवल गिरता है। यदि शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा न रखी जाए तो हाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाएगा। पानी न सिर्फ आपकी बॉडी को हाइड्रेट रखता है, बल्कि शरीर से जहरीले तत्वों को भी बाहर करने का काम करता है।
किडनी की समस्या- कई स्टडीज में ये बात साबित हो चुकी है कि हाई प्रोटीन डाइट की वजह से लोगों में किडनी स्टोन का खतरा बढ़ जाता है। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट के मुताबिक, शरीर में यूरिक एसिड लेवल और जानवरों से मिलने वाले प्रोटीन की खपत गुर्दे में पथरी की समस्या बढ़ाती है। इसलिए किडनी फेलियर के रोग से जूझ रहे लोगों को प्लांट बेस्ड फूड खाने की सलाह दी जाती है।