योगी कैबिनेट में 12 अहम प्रस्तावों पर लगी मुहर, कृषि और स्वास्थ्य को दिया ज्यादा महत्व

लखनऊ । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में 12 प्रस्ताव पास हुए.जिसमें नई खांडसारी नीति और इलाहाबाद का नाम आज से प्रयागराज किये जाने जैसे अन्य महत्वपूर्ण फैसले लिए गए. इस बैठक में कृषि और स्वास्थ्य को ज्यादा महत्व दिया गया है.

 बता दें कि योगी सरकार के प्रवक्ता व मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कैबिनेट की बैठक से बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की.इस दौरान उन्होंने बैठक में लिए गए फैसलों की विस्तृत जानकारी दी.उन्होंने बताया कि इलाहाबाद का नाम प्रयागराज करने पर कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है. सिर्फ जिले का ही नाम प्रयागराज नहीं होगा बल्कि जहां जहां भी इलाहाबाद नाम का प्रयोग किया गया है उसका भी नाम बदल जाएगा. मसलन इलाहबाद यूनिवर्सिटी और इलाहाबाद जंक्शन का नाम भी बदल जाएगा.

उधर योगी कैबिनेट के इस फैसले के बाद साधु-संतों में ख़ुशी का माहौल है.वहीं संगम पर आने वाले श्रद्धालुओं की माने तो अभी भी इलाहाबाद को प्रयाग के नाम से ही जानते हैं. भले ही शहर का नाम इलाहाबाद हो. लेकिन उनके मन में प्रयाग के नाम से ही आस्था और श्रद्धा है.

इसके अलावा मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि ललितपुर की पाली तहसील का परिसीमन किया गया है. पाली तहसील के 23 गांव और सदर तहसील में कर दिये गये हैं.

वहीं दुग्ध उत्पादक किसानों के लिए नंदबाबा पुरस्कार योजना के प्रस्ताव पर मुहर लगी है. 1500 लीटर की कम से कम आपूर्ति करने वाले दुग्ध उत्पादक किसानों के प्रोत्साहन के लिए पुरस्कर दिए जाएंगे. 51 हजार राज्य स्तर, 21 हजार जिला स्तर, 5100 ब्लॉक स्तर पर पुरस्कार राशि दी जाएगी.

यहीं नहीं मेडिकल कॉलेजों के लिये यूपी सरकार ने बजट तय किया. जिसमें एटा मेडिकल कॉलेज के लिए 216.58 करोड़, देवरिया 206.90 करोड़, फतेहपुर 212.50 करोड़, गाजीपुर 220.45 करोड़, हरदोई 206.33 करोड़, प्रतापगढ़ 213 करोड़ और सिद्धार्थनगर मेडिकल कॉलेज के लिए 245.11 करोड़ का बजट पास किया गया.इसके अलावा कई प्रस्तावों पर कैबिनेट की मोहर लगी.