हाथरस कांड – युवती से हुआ था गैंगरेप, CBI ने दाखिल की चार्जशीट

सीबीआई ने हाथरस कांड की जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश की
हाथरस के विशेष अदालत में दो हजार पेज की रिपोर्ट पेश
CBI ने युवती के अंतिम बयान को बनाया आधार
हमले की वजह से गई युवती की जान
चारो आरोपितों की पॉलीग्राफ टेस्ट रिपोर्ट भी अदालत को सौंपी
अगली सुनवाई 4 जनवरी 2021 को होगी
हाथरस गैंगरेप की 67 दिनों की जांच के बाद सीबीआई ने शुक्रवार को हाथरस की विशेष अदालत में 2 हजार पन्नों की रिपोर्ट सौंप दी। चार्जशीट में गैंगरेप से जुड़े चारों आरोपितों को संदिग्ध माना है। बतादें, हाथरस के बुलगढ़ी गांव में युवती के साथ गैंगरेप हुआ था। इसके बाद सूबे का सियासी पारा गर्म हो गया था। महिला सुरक्षा के दावे को लेकर विपक्ष प्रदेश सरकार को निशाने पर लिया। प्रदेश की योगी सरकार ने हाथरस गैंगरेप की जांच को सीबीआई से कराने की सिफारिश कर दी थी।
सीबीआई को अपनी जांच रिपोर्ट दाखिल करने में तकरीबन तीन घंटे का समय लगा। सीबीआई ने युवती के अंतिम बयान को आधार बनाया। जिसके आधार पर रिपोर्ट में कहा गया कि युवती की मौत चोट लगने के कारण हुई थी।
सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में मुख्य आरोपित लवकुश को बालिग माना है। लवकुश की उम्र को लेकर काफी बवाल मचा था लेकिन सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में इस प्रश्न पर विराम लगा दिया और उसने लवकुश को बालिग माना है। मामले की अगली सुनवाई 4 जनवरी 2021 को होगी।
सीबीआई ने अदालत को सौंपी अपनी रिपोर्ट में इस बात को भी स्पष्ट किया है कि जबतक अपराध सिद्ध न हो जाए आरोपितों को आरोपित ही समझा जाए। बतादें राज्य सरकार ने हाथरस कांड पर बवाल मचने के बाद 11 अक्टूबर 2020 को जांच सीबीआई को सौंपने का फैसला लिया था।
हाथरस कांड के प्रदेश में जातिय दंगों के भड़कने की आशंका को देखते हुए प्रदेश सरकार ने इसकी जांच एसटीएफ को सौंपी है। बतादें हाथरस कांड के बाद तमाम दलित संगठन सड़कों पर उतर गए थे और वह जाति विशेष को लेकर काफी आक्रमक हो गए थे। हालांकि प्रदेश सरकार ने उनकी हरकतों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी।
गौरतलब है कि युवती पर हमला 14 सितंबर 2020 को हुआ था और युवती की मौत 29 सितंबर 2020 को हो गई। सीबीआई ने युवती के अंतिम बयान को आधार बनाया। इस कांड में बुलगढ़ गांव के संदीप, रामू, रवि और लवकुश को आरोपित बनाया गया है।
क्या था पूरा मामला-
14 सितंबर की सुबह बूलगढ़ी गांव में एक युवती अपनी मां और भाई के साथ खेत में चारा काटने गई थी तभी उस पर हमला हुआ था। उस दौरान मां ने मारपीट का मामला बताया था, भाई की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था। युवती को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां स्थिति गंभीर होने के बाद उसे अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज भेजा गया। इसके बाद युवती को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया। यहीं पर 29 अक्टबर 2020 को युवती की मौत हो गई। युवती की मौत कै बाद जिला प्रशासन से अप्रत्याशित निर्णय लेते हुए शव का अंतिम संस्कार रात में ही कर दिया। जिला प्रशासन के इस काम के बाद स्थिति विस्फोटक हो गई। युवती को न्याय दिलाने के लिए लोग सड़कों पर उतर गए, इसके अलावा इस कांड को लेकर सियासत भी खूब की गई।