फादर्स – डे विशेषः पिता की लाठी कठोर जरुर होती है लेकिन हमें कभी गिरने नहीं देती

संघर्ष की आंधियों में हौसले की दीवार हैं ...पापा, हर पल हमारे साथ हैं...पापा

फादर्स डे, अपने पिता के प्रति सम्मान व्यक्त करने का दिन, पिता के लिए अपने जज्बातों के इजहार का दिन। एक परिवार में पिता का क्या स्थान होता है, इसे हम सब भली भांति समझते हैं और जानते हैं। हमारी इच्छाओं को बिना बताए समझने और पूरा करने का जो किरदार हमारे सामने है वह है पिता। अपनी खुद की जरूरतों को नजरअंदाज कर परिवार के प्रति जिम्मेदारी निभाने वाला पिता होता है। जिसके पास ये किरदार मौजूद है वह दुनिया का सबसे खुशनसीब इंसान है। वैसे एक बात बता दूं परिवार के लिए अपना सबकुछ दांव पर लगाने वाला वह पिता कभी हमसे दूर नहीं होता इसलिए जिनके पास उनका आशीर्वाद नहीं है उन्हें भी निराशा में नहीं जीना चाहिए। उन्हें हमेशा याद रखना चाहिए कि पिता उनके साथ हर पल हैं।
भारत में जून के तीसरे रविवार को मनाते हैं फादर्स डे
अपने पिता के प्रति सम्माव व्यक्त करने को पूरी दुनिया में 20 जून को हर साल फादर्स डे मनाया जाता है। विश्व के तमाम देशों में अलग-अलग तारीख को फादर्स डे मनाया जाता है। भारत में जून से तीसरे रविवार को फादर्स डे मनाने की रवायत है।
फादर्स डे की शुरुआत अमेरिका से हुई
बता दें फादर्स डे मनाने की शुरुआत अमेरिका से हुई थी। वॉशिंगटन के स्पोकेन शहर में सोनोरा डॉड ने अपने पिता की स्मृति में इस दिन की शुरुआत की थी। वर्ष 1916 में अमेरिकी राष्ट्रपति वुडरो विल्सन ने इस दिवस को मनाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की।
राष्ट्रपति लिंडन जॉनसन जून के तीसरे रविवार को मनाने का फैसला किया
राष्ट्रपति कैल्विन कुलिज ने साल 1924 में इसे राष्ट्रीय आयोजन घोषित किया। इसके बाद राष्ट्रपति लिंडन जॉनसन ने पहली बार साल 1966 में इस खास दिन को जून के तीसरे रविवार को मनाए जाने का फैसला किया। इसके बाद पिता की स्मृति में इसे हर साल मनाया जाने लगा।
फादर्स डे की एक धारणा ये भी है
लेकिन इन सब के बावजूद एक धारणा ये भी है कि, फादर्स डे की शुरुआत पश्चिम वर्जिनिया से फेयरमोंट में 19 जून 1910 को मनाया गया था। दरअसल 1 दिसंबर 1907 को मोनोंगाह, पश्चिम वर्जिनिया में एक खान दुर्घटना में मारे गए 210 पिताओं की स्मृति में श्रीमती ग्रेस गोल्डन क्लेटन ने इस दिवस का आयोजन किया था। आज भी फादर्स डे चर्च सेन्ट्रल यूनाइटेड मेथोडिस्ट चर्च के नाम से फेयरमोंट में मौजूद है।
फादर्स डे-इतिहास
19 जून 1910 को वाशिंगटन के सोनोरा स्मार्ट डोड के प्रयासों से फादर्स डे की शुरुआत हुआ। ओल्ड सेन्टेनरी प्रेस्बिटेरियन चर्च के पादरी डॉक्टर कोनराड ब्लुह्म की मदद से इस विचार को स्पोकाने YMCA से ले गई। जहां स्पोकाने YMCA और अलायन्स मिनिस्ट्री ने इस विचार पर अपनी सहमति जताई और 1910 में पहली बार फादर्स डे मनाया गया।
पिता को खुश करने के लिए क्या करें…
-अपने पिता के साथ भोजन करें
-असमर्थ पिता को गिफ्ट करें, उनके चरण छूएं
– पिता के कमरे को खास तरह से सजा सकते हैं
-पिता को अहसास कराएं कि वह दुनिया से सबसे अच्छे पिता हैं
-उनसे अपने दिल की बता करें
और सबसे ज्यादा उनकी दिल की बात सुनें
पिता के नाम कुछ शब्द…
पिता एक उम्मीद है, एक आस है। पिता संघर्ष की आंधियों में हौसलों की दीवार है। परेशानियों से लड़ने की दो घारी तलवार है। बचपन में खुश करने वाला खिलौना है। नींद लगे तो पेट पर सुलाने वाला बिछौना है। पिता जिम्मेवारियों से लदी गाड़ी का सारथी है। सबको बराबर का हक दिलाता एक महारथी है। सपनों को पूरा करने में लगने वाली जान है। इसी से तो मां और बच्चों की पहचान है। पिता जमीर है पिता जागीर है। जिसके पास ये है वह सबसे अमीर है।