किसान आंदोलनः कृषि मंत्री की चिट्ठी पर किसान संगठनों की अहम बैठक आज, ले सकते हैं बड़ा फैसला

नए कृषि कानूनों को लेकर किसानों का आंदोलन जारी है। आज एक और बैठक होगी जिसमें बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
नए कृषि कानून को लेकर किसान आंदोलनरत हैं। किसानों को मानने की सरकार की कई कोशिशें नाकाम साबित रहीं हैं। किसान नए कृषि कानून को वापस लेने की मांग पर अड़े हैं जबकि सरकार किसानों को नए कृषि कानूनों को लेकर लगातार मनाने में लगी है। सरकार की तरफ से किसानों की समस्याओं को लेकर हर तरह के लिखित आश्वासन देने की बात को भी किसान नकार रहे हैं। अब एक बार फिर सरकार की तरफ किसान संगठनों को वार्ता का न्यौता दिया गया है कि जिस पर किसान संगठन शनिवार को बैठक कर औपचारिक फैसला लेने की बात कह रहे हैं।
केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के एक अधिकारी की माने तो, सरकार ने अभी उम्मीद नहीं छोड़ी है और अगले दौर की वार्ता में अच्छे संकेत मिल सकते हैं। उधर किसान संगठनों ने भी साफ कर दिया है कि उनकी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानूनी गारंटी की उनका मांग यथावत बनी रहेगी।
किसान संगठनों की तरफ से कहा गया है कि सरकार के पत्र पर शनिवार को एक बैठक होगी। उस बैठक में सरकार के साथ बातचीत दोबारा शुरु करने पर फैसला लिया जा सकता है। किसानों ने कहा है कि सरकार की तरफ से जारी इस नए पत्र में किसी तरह का कोई प्रस्ताव फिलहाल नहीं दिया गया है इसलिए हम एक बार फिर नए सिरे से सरकार से वार्ता कर अपनी मांगों को सरकार को समझाने का प्रयास करेंगे।
किसान संगठन के एक अन्य नेता का कहना है कि एमएसपी को इन तीन कानूनों को वापस लेने की हमारी मांग को अलग नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा यह कौन तय करेगा कि हमारी फसल तय एमएसपी पर बेची जाए?
वहीं दूसरी तरफ अखिल भारतीय किसान संघर्ष समिति ने केन्द्र सरकार से किसानों के लिए ट्रेन की व्यवस्था करने की मांग की है। उनका कहना है कि किसान देश के विभिन्न हिस्सों से ट्रेन के जरिए दिल्ली पहुंच सकें। समिति ने यह भी कहा है कि वह सभी किसानों के ट्रेन के टिकट का किराया वहन करने को तैयार है।