DCW अध्यक्ष स्वाति मालीवाल का तलाक कहा, दर्द भरा अहसास, एक सुखद कहानी का अंत

कई बार सबसे अच्छे लोग एक साथ नहीं रह पाते हैं। मै उन्हें हमेशा मिस करूंगी। उन्होंने कहा, सबसे दुखद पल तब होता है जब आपकी सुखद कहानी का अंत होता है, मै हमेशा उन्हें और हमारा जीवन जो हम बिता सकते थे उसे मिस करूंगी। मै अपने पूर्व पति को बहुत याद करूंगी…
हर पीड़िता की पीड़ा का अहसास अपने जैसा महसूस करती हैं, हर सुलगते मुद्दों पर तीखी प्रतिक्रिया और अपने सवालों से सामने वाले की बोलती बंद कर देने वाली आज अपने सबसे अजीज से मिले दर्द से कराह रही हैं। ये दर्द ऐसा कि उन्हें पूरे जीवन सालता रहेगा, तभी तो उन्होंने कहा, सबसे दर्दनाक क्षण तब होता है जब आपकी कहानी खत्म हो जाती है, कभी- कभी सबसे अच्छे लोग एक साथ नहीं रह सकते हैं। शायद प्रकृति ने भी ऐसी ही व्यवस्था दे रखी है कि बहुत शानदार व्यक्तित्व बहुत दिनों तक हमारे बीच नहीं रह पाता है। कुछ अपवादों को छोड़ दिया जाए। DCW अध्यक्ष स्वाति मालीवाल का अपने पति से तलाक हो गया है।
जिंदगी को अंजाम तक पहुंचाने की थी जिद
एक कहानी का अंत हो गया। एक ऐसी कहानी जो विश्वास पर आधारित थी और साथ-साथ जिंदगी को अंजाम तक पहुंचाने का जिद पर टिकी थी। लेकिन ये क्या हो गया। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल अब तनहा हो गईं। उनका उनके पति नवीन जयहिंद से तलाक हो गया। मालीवाल ने ट्विट कर बेहद मार्मिक अंदाज में इसे बयां किया।

कुछ इस तरह दर्द किया बयां

” उन्होंने ट्विट में लिखा, कई बार सबसे अच्छे लोग एक साथ नहीं रह पाते हैं। मै उन्हें हमेशा मिस करूंगी। उन्होंने कहा, सबसे दुखद पल तब होता है जब आपकी सुखद कहानी का अंत होता है। मेरी हो गई है। मै और नवीन का तलाक हो गया है। कई बार सबसे अच्छे लोग साथ नहीं रह पाते हैं, मै हमेशा उन्हें और हमारा जीवन जो हम बिता सकते थे उसे मिस करूंगी। मै अपने पूर्व पति को बहुत याद करूंगी। उन्होंने लिखा कि हम और हमारे जैसे अन्य लोग इस दर्द से निपटने के लिए शक्ति प्रदान करें।” बतादें नवीन जयसिंह आम आदमी पार्टी हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष हैं।
महिला अधिकारों के लिए सक्रिय रहती हैं स्वाति मालीवाल
स्वाति मालवाल के पूर्व पति नवीन जयहिंद आम आदमी पार्टी से जुड़े हैं और वह आप के हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। 2015 में आप की सरकार बनने पर स्वाति मालीवाल को दिल्ली महिला आयोग का अध्यक्ष बनाया गया था। अपने कामों और महिला अधिकारों के लिए सक्रिय रहने वाली मालीवाल ने दिसंबर में बच्चियों के बलात्कारियों को फांसी देने के लिए आमरण अनशन भी किया था।
जयहिंद ने स्वाति के लिए लिखा था…
आमरण अनशन के दौरान स्वाति मालीवाल की तबियत बिगड़ने पर उनके पति नवीन जयहिंद ने लिखा था। “स्वाति शेरनी है मुर्दा नहीं, वह मर्दानी है, सोये हुए लोगों को जगाया जाता है पर मुर्दों को जगाने चली है मुर्दे कभी जागते नहीं। इस जंगल में जंग जिंदा रहके लड़ी जाती है। रेपिस्टों को फांसी के लिए 13 दिन से अनशन पर है। मर भी जाएगी तो लोग 13 दिन भी याद नहीं रखेंगें।”