24 घंटे में पूरा हो जाएगा डिसइंगेजमेंट, LAC से तेजी से पीछे हट रहा चीन, देखें वीडियो…

पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन की सेनाओं के बीच लंबे समय से चला आ रहा तनाव अब कम होने लगा है। डिसइंगेजमेंट के बाद दोनों देशों की सेनाओं की अग्रिम टुकड़ी पीछे हट रही हैं। इस बीच पैंगोंग त्सो झील के किनारे पर बीते आठ घंटों में चीन के करीब 200 टैंक पीछे हो गए हैं। पीएलए ने अपने जेट्टी, हैलीपैड, टेंट और ऑब्जर्वेशन पॉइंट्स को ध्वस्त कर दिया है।
बता दें, पीएलए ने इसका निर्माण अप्रैल 2020 के बाद फिंगर 4 और फिंगर 8 के बीच किया था। पैंगोंग झील के उत्तरी तट के 134 किमी में एक हथेली की तरह फैला हुआ है, और इसके विभिन्न एक्सटेंशन “फिंगर्स” के रूप में पहचाने जाते हैं ताकि क्षेत्र का सीमांकन किया जा सके।

जानकारी के अनुसार डिसएंगेजमेंट की ये स्पीड हैरान करने वाली है। इस बारे में मिली जानकारी के अनुसार चीनी सैनिकों और पैंगोंग त्सो के तट की टैंकर हटे हुए दिख रहे हैं, जहां वे लगभग दस महीने से भारत के सामने तैनात थे। वीडियो से यह भी पता चलता है कि पिछले 10 महीनों में सैन्य अभ्यास के चलते जो निर्माण किए गए थे उसने हटाने के लिए चीनी सैनिक क्रेनों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
गौरतलब है कि दोनों देशों द्वारा 10 फरवरी को इसे को लेकर समझौता हुआ, जिसके तहत चीन अपने सैनिकों को फिंगर 8 में ले जाना शुरू करेगा और भारत फिंगर 3 की ओर वापस जाएगा। भारत धन सिंह थापा प्रशासन शिविर में अपने सैनिकों को बनाए रखेगा।

सरकार के सूत्रों के अनुसार पहले चरण का कार्य 15-20 दिनों में पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि दक्षिण बैंक में जिस रणनीतिक ऊंचाई पर भारत का कब्जा है, वह इस चरण में खाली होगी।
भारत उत्तरी बैंक में विघटन प्रक्रिया की बारीकी से निगरानी कर रहा है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “एक समझौता है। हर कदम पर एक आपसी सत्यापन होगा। कैलाश रेंज में एक बार फिर से असंगति दिखाई देगी तो फिर हम पैंगोग त्सो में इसे आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने बताया कि दक्षिण बैंक में टैंकों और बख्तरबंद वाहनों का विस्थापन पिछले सप्ताह तक पूरा हो गया था; दोनों तरफ 100 से अधिक टैंक तैनात थे।