विद्युत अभियंता संघ की मांगः ऊर्जा निगमों में निदेशक पदों पर विभागीय अभियंताओं का किया जाए चयन

ऊर्जा निगमों पर बढ़ते वित्तीय भार को देखते हुए विद्युत अभियंता संघ ने सरकार से मांग करते हुए कहा है कि, ऊर्जा निगमों में निदेशकों के रिक्त पदों पर विभागीय अभियंताओं की नियुक्ति की जाए। संघ से सरकार को उपाय सुझाते हुए कहा है कि गैर विभागीय अभ्यर्थियों की नियुक्ति से ऊर्जा निगमों पर अतिरिक्त व्यय पड़ता है।
विद्युत अभियंता संघ के अध्यक्ष वीपी सिंह एवं महासचिव प्रभात सिंह ने बताया कि, ऊर्जा निगमों नें निदेशकों के रिक्त पदों पर विभागीय अभ्यर्थियों की नियुक्ति की मांग लगातार की जाती रही है। उन्होंने कहा, कोरोना काल में विभाग पर अतिरिक्त खर्च न पड़े इसलिए सरकार द्वारा विभागीय अभ्यर्थियों को निदेशकों के पदों पर नियक्ति की जानी चाहिए।
मुख्य सचिव को लिखे पत्र में उन्होंने कहा, गैर विभागीय निदेशकों की कार्यप्रणाली से निगमों में लंबे समय तक भ्रम, अनिर्णय एवं प्रशासनिक अव्यवस्था की स्थिति बनी रहती है। इसके अलावा गैर विभागीय निदेशकों द्वारा विभागीय अभियंताओं को अपमानिकत किया जाता है।
उन्होंने कहा, गैर विभागीय निदेशकों के लिए कार्यालय, वेतन, भत्तों, चिकित्सा, वाहन आदि पर अतिरिक्त व्यय होता है जिसका बोझ अन्ततः विभाग पर ही पड़ता है, जबकि विभागीय अभियन्ताओं की निदेशक पद पर नियुक्ति करने से विभाग पर कोई अतिरिक्त व्यय भार नहीं आता है।
उन्होंने ऊर्जा मंत्री से अपील की है, मुख्यमंत्री के निर्देशन एवं उप्र सरकार के संकल्प को धरातल पर साकार करने तथा ‘आत्मनिर्भर ऊर्जा निगम’ बनाने के लिए विभागीय अभियन्ताओं का विश्वास करते हुए ऊर्जा निगमों में निदेशक पदों पर विभागीय अभियन्ताओं की नियुक्ति की जाये।