दिल्ली हिंसाः NSA अजीत डोभाल ने संभाली कमान, बोले- इंशाअल्लाह, अमन कायम होगा

नागरिकता संशोधन कानून को लेकर दिल्ली सुलग रही है। 23 फरवरी को मौजपुर से शुरु हआ हिंसा का तांडव मंगलवार तक जारी रहा। दिल्ली सरकार से लेकर केन्द्रीय गृह मंत्री पर हिंसा को लेकर सवाल उठे तो पूरा तंत्र जाग गया। यही दिल्ली पुलिस जो तीन दिनों तक हिंसा होते देखती रही अचानक ऊर्जा से लबरेज नजर आने लगी। अमित शाह ने दिल्ली को शांत करने की जिम्मेदारी दो ऐसे अधिकारियों को सौंप दी जिसने आतंकियों पर लगाम कस दी थी। ये दो अधिकारी हैं स्पेशल पुलिस कमिश्नर लॉ एंज आर्डर एसएन श्रीवास्तव और अजीत डोभाल।
बुधवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने प्रभावित मौजपुरा का दौरा किया। इस दौरान वह हिंसा से प्रभावित लोगों से मौके पर बातचीत की। डोभाल यहां पर अधिकारियों को इलाके में शांति बहाल करने के लिए जरुरी निर्देश दिए। इस दौरान उनसे बातचीत करने वाले लोगों ने कहा, सर आप यहां आ गए हममे हिम्मत आ गई।
अजीत डोभाल ने यहां घूम-घूमकर लोगों से बातचीत की और उन्हें हालात जल्द सामान्य होने का भरोसा दिलाया। उन्होंने सभी लोगों को अपने-अपने घरों में जाने की सलाह देते हुए कहा कि सबको प्रेम से रहना चाहिए। बीते दो दिनों के दौरान जो कुछ हुआ वो काफी दुखद था, लेकिन लोगों को ये ध्यान रखना चाहिए कि ऐसा आगे फिर न हो। एनएसए ने कहा कि हमें पब्लिक पर पूरा विश्वास है। यहां पुलिस तैनात है, लोगों की सलामती के लिए कानून-व्यवस्था है।
डोभाल ने कहा कि हम यहां गृहमंत्री और प्रधानमंत्री के आदेश पर आए हैं। इंशाअल्लाह! यहां पर बिल्कुल अमन होगा। उन्‍होंने कहा कि मेरा संदेश लोगों से यही है कि हर कोई अपने देश, समाज और पड़ोसी से प्‍यार करता है। हर किसी को एक-दूसरे के साथ प्‍यार और भाईचारे के साथ रहना चाहिए।
बता दें कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली के इलाकों में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध और समर्थन में हो रहे प्रदर्शन के दौरान जमकर हिंसा हुई थी। इसमें दोनों गुट के लोगों ने एक-दूसरे पर जमकर हमला बोला था। जीटीबी अस्पताल के अनुसार हिंसा और उपद्रव में अभी तक 22 लोगों की जान चली गई है। मारे गए लोगों में दिल्ली पुलिस का एक हेड कॉन्स्टेबल और आईबी का एक अधिकारी भी शामिल है। हिंसक झड़पों में 189 लोग घायल हुए हैं जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।