दिल्ली हिंसाः पुलिस की सख्ती का असर, जाफराबाद और मौजपुर में धरना खत्म, रोड खाली

नागरिकता संशोधन कानून और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर के खिलाफ राजधानी दिल्ली में हो रहे प्रदर्शन रविवार को अचानक हिंसक हो गए जो तीन दिन तक लगातार चलते रहे। इन हिंसक प्रदर्शनो में 13 लोगों की मौत हो गई जबकि 200 से ज्यादा लोग घायल हो गए। इन घायलों में 56 पुलिसकर्मी भी शामिल रहे। उधर दिल्ली के हालात पर गृह मंत्री ने 24 घंटे में उच्च पदस्थ अधिकारियों से काश तीन बैठकें कीं। बैठक के बाद हिंसा प्रभावित इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया और दिल्ली पुलिस ने उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने का आदेश जारी कर दिया है। इस बीच पुलिस ने जाफराबाद और मौजपुर में धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों को हटा दिया है और रास्ते को खाली करा दिया है।
जाफराबाद और मौजपुर में धरने पर बैठी महिलाओं को हटाया गया
दिल्ली पुलिस के मुताबिक महिलाएं नागरिकता कानून के खिलाफ धरने पर बैठी हैं, जो बातचीत के बाद उठने के लिए तैयार हो गईं। पुलिस के अनुसार जाफराबाद में प्रदर्शन स्थल और अन्य जगहों पर भारी संख्या में पुलिसबलों की तैनाती की गई है। सुरक्षा के मद्देनजर एसएसबी, आईटीबीपी और दिल्ली पुलिस के जवान मौजूद हैं। जाफराबाद में आईटीबीपी और एसएसबी के जवानों पर जमकर पत्थरबाजी भी हुई है। पुलिस ने प्रदर्शन स्थल को पूरी तरह से खाली करा लिया है।
शाहीन बाग की तर्ज पर जाफराबाद में भी धरने पर बैठीं थीं महिलाएं
बता दें जाफराबाद में भी शाहीन बाग की तर्ज पर महिलाएं धरने पर बैठी थीं। महिलाओं ने सीलमपुर और मौजपुर रोड नंबर 66 का रास्ता बंद कर दिया था। प्रदर्शनकारी महिलाओं की मांग थी कि जबतक CAA-NRC कानून वापस नहीं लिया जाता वह धरने से नहीं हटेंगी। इससे पहले प्रदर्शनकारियों ने कहा था जब शाहीन बाग की सड़कें खाली नहीं हो रही हैं तो मौजपुर की सड़कें भी खाली नहीं होंगी।
पुलिस की सख्ती का दिखा असर, मौजपुर में पसरा सन्नाटा
इस बीच राजधानी में अब पुलिस की सख्ती का असर दिखने लगा है। मौजपुर से सभी उपद्रवियों को खदेड़ दिया गया है। इलाके मे चारो तरफ सन्नाटा पसरा दिख रहा है। यहां केवल सुरक्षा बलों के बूटों का आवाज ही सुनाई पड़ रही है।
दिल्ली हिंसा पर गृह मंत्रालय की बैठक
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में मंगलवार को एक बैठक हुई, जिसमें दिल्ली के कई इलाकों में हो रही हिंसा के हालात की समीक्षा की गई। इस बैठक में दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। इस दौरान अमित शाह ने सभी दलों से संयम बरतने, पार्टी लाइन से ऊपर उठने का आग्रह किया।