COVID-19: युवाओं को WHO की चेतावनी, भ्रम मे न रहें ‘कोरोना’ किसी को नहीं छोड़ता

कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर अभी तक जो बातें सामने आ रही थीं, कि इस वायरस की मार सबसे ज्यादा बच्चों और बुजुर्गों पर है और युवाओं का कम खतरा है। लेकिन अब इस भ्रम से बाहर निकलिए। कोरोना के संक्रमण से कोई नहीं बच सकता है। अगर चेते नहीं तो दुनिया भर के युवा इसकी चपेट में आ सकते हैं। दरअसल कई लोगों का अभी भी मानना है कि कोरोना के संक्रमण के बारे में जिस तरह की जानकारियां आ रही हैं वह भ्रामक हैं। जितना हल्ला है दरअसल यह उतना खतरनाक नहीं है। ये बातें खासकर भारतीय युवाओं में ज्यादा देखने को मिल रही हैं। लेकिन WHO की हालिया रिपोर्ट बताती है कि इसे जितना हल्के में लिया गया दरअसल वह उससे कहीं ज्यादा खतरनाक है। WHO ने युवाओं को खासकर चेतावनी जारी की है कि अगर वह जश्न और पार्टियों से दूर नहीं होते तो कोरोना समाज के एक बड़े हिस्सा को अपना निशाना बना सकता है।
कोरोना वायरस युवाओं को भी बना सकता है बीमार
विश्व स्वास्थ्य संगठन के निदेशक टेड्रोस ने कहा है कि पूरी दुनिया में संक्रमण के 2 लाख 10 हजार से भी ज्यादा मामले दर्ज हुए हैं। बीमारी की चपेट में आकर 9 हजार लोगों की जान चली गई है। हर दिन के साथ बीमारी की भयावहता बढ़ती जा रही है। ये सही है कि बीमारी ने ज्यादातर बुजुर्गों को अपना शिकार बनाया है लेकिन युवा भी इससे अछूते नहीं हैं। आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं कि कई देशों में 50 साल से नीचे के उम्र वाले संक्रमण का शिकार होकर हॉस्पिटल में भर्ती हुए हैं।
युवाओं को यहां वहां जाना मौत का कारण हो सकता है
WHO के डायरेक्टर जनरल डॉ टेड्रोस ने अपने बयान में कहा है- ‘आज मैं युवाओं को कुछ संदेश देना चाहता हूं। आप अजेय नहीं हो। कोरोना वायरस का संक्रमण आपको हफ्तों के लिए हॉस्पिटल में भर्ती करवा सकता है। यहां तक की आपकी जान ले सकता है। अगर आप बीमार नहीं भी हैं तो आपका यहां-वहां जाना दूसरों के लिए जीवन और मौत का सवाल बन सकता है।
कोरोना को हल्के में ले रहे युवाओं को चेतावनी
कोरोना के संक्रमण की जंग को जिस तरह से भारत ने लड़ा है पूरी दुनिया में उसकी तारीफ हो रही है। प्रधानमंत्री और समूचे प्रशासनिक तंत्र ने अभी तक जिस तरह से इस पर सक्रियता दिखाई है उसका लाभ मिला है। लेकिन अब यह खतरनाक स्तर की तरफ बढ़ है। जागरुकता के तमाम उपाय भारतीय युवाओं को रास नहीं आ रहे हैं। वाशिंगटन स्थित शोध केन्द्र ने आशंका जताई है कि भारत की आधी से अधिक आबादी तक कोरोना का संक्रमण फैल सकता है। रिपोर्ट में इस बात को स्पष्ट किया गया है कि खुद को क्वारंटाइन कर इस स्थिति से बचा सकता है।
ऐसा हुआ तो भारती आधी आबादी आएगी चपेट में
अमेरिका की प्रिंस्टेन यूनिवर्सिटी और वाशिंगटन स्थित सेंटर फॉर डिसीज डायनामिक्स, इकोनॉमिक्स एंड पॉलिसी के निदेशक रामानन लक्ष्मीनारायण ने एक साक्षात्कार में कहा कि अमेरिका का आकलन है कि उसकी आबादी का 40-60 फीसदी हिस्सा इस वायरस की चपेट में आ सकता है। अगर भारत में भी यही आंकड़ा सामने आता है तो स्थिति की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
भारत सरकार का प्रयास सराहनीय
वो कहते हैं कि भारत सरकार इस भयावहता को समझती है। वह जानती है कि कोराना भारत में अभी गंभीर चरण में नहीं है। सामुदायिक संक्रमण को रोकने के लिए सरकार ने स्कूल, कॉलेज, सिनेमा, मल्टीप्लेक्स बंद कर दिया है। वो कहते हैं कि 17 मार्च तक के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अभी 12 हजार से भी कम जांचें की गई हैं, अधिक से अधिक जांच हो तो आंकड़ा बढ़ सकता है।
कोरिया में युवाओं को संक्रमित कर रहा कोरोना वायरस
दरअसल ज्यादातर लोगों को इस बात का भ्रम है कि यह वायरस अधिक उम्र वालों को निशाना बना रहा है। लेकिन दक्षिण कोरिया में किए जांच में ये बात सामने आई कि 20 से 29 साल के बीच युवा कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए। इस आधार यह मान लेना कि कोरोना युवाओं या स्वस्थ लोगों को प्रभावित नहीं करता गलत साबित हुआ।